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फर्जी बिल मामले में ट्वीट वार, अशनीर ग्रोवर और दीपक शेनॉय के बीच छिड़ी बहस

भारतपे (BharatPe) के को-फाउंडर अश्नीर ग्रोवर (Ashneer Grover) और कैपिटलमाइंड के फाउंडर और सीईओ दीपक शेनॉय (Deepak Shenoy) के बीच जुबानी जंग छिड़ चुकी है। यह मामला रिक्रूटमेंट के ऑफर के बदले भारतपे से फंडों की हेराफेरी में ग्रोवर परिवार के शामिल होने से जुड़ा है जिसके खुलासे के बाद अश्नीर ग्रोवर और दीपक शेनॉय के बीच बहस शुरू हो गई है

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Nov 16, 2023 पर 5:45 PM
फर्जी बिल मामले में ट्वीट वार, अशनीर ग्रोवर और दीपक शेनॉय के बीच छिड़ी बहस
फंडों की हेराफेरी के मामले में दीपक शेनॉय ने ट्वीट किया जिस पर अश्नीर ग्रोवर ने प्रतिक्रिया किया।

भारतपे (BharatPe) के को-फाउंडर अशनीर ग्रोवर (Ashneer Grover) और कैपिटलमाइंड के फाउंडर और सीईओ दीपक शेनॉय (Deepak Shenoy) के बीच जुबानी जंग छिड़ चुकी है। यह मामला रिक्रूटमेंट के ऑफर के बदले भारतपे से फंडों की हेराफेरी में ग्रोवर परिवार के शामिल होने से जुड़ा है जिसके खुलासे के बाद अशनीर ग्रोवर और दीपक शेनॉय के बीच बहस शुरू हो गई है। इकनॉमिक अफेंसेज विंग (EoW) के जांच की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक अशनीर ग्रोवर और उनकी पत्नी माधुरी जैन ग्रोवर ने जो बैंक खाते दिए, वह इनवॉइस जारी होने के बाद खुला।

क्या कहा Deepak Shenoy ने

फंडों की हेराफेरी के इस मामले में दीपक शेनॉय ने X पर ट्वीट किया कि अश्नीर ग्रोवर ने भर्ती सर्विसेज के नाम पर अपने परिवार को फंड भेजा जो पैसा निकालने के लिए बहुत माना-जाना मैकेनिज्म है। दीपक के मुताबिक यह काम बहुत मूर्खतापूर्ण तरीके से किया गया और बैंक खातों के साथ पिछली तारीख के चालान जारी किए जो चालान जारी किए गए तारीख पर खुले ही नहीं थे। उन्होंने रिपोर्ट्स के हवाले से कहा कि इस तरीके से ग्रोवर के स्वामित्व वाली या उनसे जुड़ी फर्जी कंपनियों को 53 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया। इन कंपनियों ने जीएसटी भी नहीं फाइल किया जबकि उन्होंने इस वसूल किया जिसने पूरे खेल का खुलासा कर दिया। दीपक शेनॉय ने ट्वीट में उन्होनें आगे लिखा कि उन्हें आश्चर्य होगा अगर स्टार्टअप्स में निवेशकों की कम से कम एक पॉलिसी हो जिसमें यह हो कि रिक्रूटमेंट से जुड़े पेमेंट्स और फाउंडर्स से जुड़े लिंक्स का सालाना स्वतंत्र रिव्यू होगा।

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