'मुश्किल वक्त में भाग खड़े हुए निवेशक', Byju's के फाउंडर ने निवेशकों पर साधा निशाना

मुश्किलों में घिरी एडटेक कपंनी बायजूज (Byju's) के फाउंडर बायजू रवींद्रन ( Byju Raveendran) ने गुरुवार को पहली बार कंपनी की वित्तीय समस्याओं पर खुलकर मीडिया से बात की। साथ ही उन्होंने उन निवेशकों पर निशाना साधा, जो कंपनी के मुश्किल समय में साथ देने की जगह उसे छोड़कर चले गए जिससे कंपनी की मुश्किलें और बढ़ गईं

अपडेटेड Oct 17, 2024 पर 9:15 PM
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Byju Raveendran ने कहा कि Prosus सहित कई निवेशकों ने पिछले 4-5 सालों में कोई निवेश नहीं किया

मुश्किलों में घिरी एडटेक कपंनी बायजूज (Byju's) के फाउंडर बायजू रवींद्रन ( Byju Raveendran) ने गुरुवार को पहली बार कंपनी की वित्तीय समस्याओं पर खुलकर मीडिया से बात की। साथ ही उन्होंने उन निवेशकों पर निशाना साधा, जो कंपनी के मुश्किल समय में साथ देने की जगह उसे छोड़कर चले गए जिससे कंपनी की मुश्किलें और बढ़ गईं। रवींद्रन ने कहा कि कुछ निवेशकों ने कंपनी का साथ छोड़ दिया, जिससे कंपनी के लिए आवश्यक धन जुटाना मुश्किल हो गया।

Raveendran ने कहा, "जब अमेरिकी लेनदारों ने कंपनी को डिफॉल्ट घोषित किया और डेलावेयर कोर्ट में मामला दाखिल किया, तब निवेशकों की ओर से बोर्ड में शामिल 3 डायरेक्टरों ने कुछ ही सप्ताह में इस्तीफा दे दिया। तीन डायरेक्टरों के एक साथ बोर्ड छोड़ने से हमारे लिए नया फंड जुटाना असंभव हो गया और आज हम इस स्थिति में हैं।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इन निवेशकों के चले जाने से कंपनी की अशांत समय में अत्यंत आवश्यक पूंजी जुटाने की क्षमता पर क्या प्रभाव पड़ा है।


उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि कई निवेशक, खासकर Prosus, ने पिछले 4-5 सालों में कोई निवेश नहीं किया। उन्होंने कहा कि साल 2020-21 के दौरान जब कंपनी आक्रामक तरीके से विस्तार कर रही थी, तब निवेशकों ने इन योजनाओं का समर्थन किया था। उन्होंने करीब 40 मार्केट में हमारे प्रवेश की योजना पर सहमति जताई थी। हालांकि जब परिस्थितियां खराब हुईं, तो वे निवेशक देनदारियों के डर से जिम्मेदारी से भाग गए।

उन्होंने कहा, "उस समय हर निवेशक हमें आक्रामक रूप से आगे बढ़ने को कहता था। कुछ ने तो हमें एक साथ 40 बाजारों में प्रवेश करने के लिए प्रेरित किया। इस ग्रोथ से उन्होंने खूब लाभ उठाया। सिकोया कैपिटल ने कुछ ही समय में अपने 5 करोड़ डॉलर के निवेश पर लगभग 8 गुना रिटर्न कमाया। बोर्ड में शामिल कई निवेशकों ने एशिया में किसी भी दूसरी कंपनी की तुलना में हमारी कंपनी से अधिक पैसा कमाया।"

रवींद्रन ने कहा, "बोर्ड के जिन सदस्यों ने ग्रोथ के दौरान सबसे अधिक लाभ उठाया, वे अब खुद को इससे दूर कर रहे हैं। जबकि इस आक्रामक विस्तार को उन्होंने ही बढ़ाया था। अधिकतर अधिग्रहण निवेशकों के कहने पर किए गए थे, और हम बहक गए। यह एक गलती है।"

फिलहाल Byju's कानूनी लड़ाई लड़ रही है और निवेशकों का भरोसा खो चुकी है। Raveendran ने स्वीकार किया कि कंपनी ने कुछ बाजारों में बहुत तेजी से प्रवेश किया, जिसके कारण कई गलतियां हुईं। उन्होंने कहा, "आज Byju's की वैल्यू शून्य है। हमारे कर्ज और ऑपरेशनल समस्याओं के कारण स्थिति गंभीर हो गई है।"

Raveendran ने कहा कि भले ही स्थिति कठिन हो, लेकिन वह कंपनी को फिर से पटरी पर लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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