दिग्गज सोशल मीडिया कंपनी शेयरचैट (ShareChat) को आज तगड़ा झटका लगा है। एक हफ्ते पहले इसमें करीब 600 एंप्लॉयीज की छंटनी हुई थी और अब इसके को-फाउंडर्स फरीद अहसान और भानु प्रताप सिंह ही कंपनी छोड़ रहे हैं। दोनों ने एग्जेक्यूटिव पद छोड़ दिया है। कंपनी के सीईओ अंकुश सचदेवा ने 25 जनवरी को इंटर्नल नोट में यह अहम खुलासा किया है। हालांकि दोनों ही एग्जेक्यूटिव्स कंपनी के बोर्ड में बने रहेंगे। शेयरचैट में दिग्गज टेक कंपनियों गूगल (Google) और ट्विटर (Twitter) ने भी निवेश किया हुआ है और दोनों ही कंपनियों में भारी संख्या में छंटनी हुई है।
क्या थी दोनों की कंपनी में भूमिका
शेयरचैट में फरीद अहसान चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर थे जबकि भानु प्रताप सिंह चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर थे। कंपनी के सीईओ के नोट के मुताबिक शेयरचैट के सीनियर एग्जेक्यूटिव्स मनोहर सिंह चरण अब मैनेजमेंट और गौरव भाटिया इंजीनियरिंग से जुड़े कार्यों को लीड करेंगे। सीईओ के मुताबिक पिछले कुछ महीने में इंजीनियरिंग, फाइनेंस, एचआर और कंटेंट ऑपरेशंस में कई सीनियर लीडर्स को काम पर रखा गया है। भानु और फरीद ने इन्हें कंपनी को आगे ले जाने लायक बेहतर तरीके से तैयार कर दिया है।
कंपनी के सीईओ अंकुश के मुताबिक भानु और फरीद का मानना है कि उन्होंने जो काम संभाला था, वह अब बेहतर हाथों में पहुंच चुका है तो उन्होंने अपनी सक्रिय भूमिका को छोड़ने का फैसला कर लिया। हालांकि दोनों ही कंपनी को लगातार आगे भी रास्ता दिखाते रहेंगे और बोर्ड में बने रहेंगे।
2015 में बनी थी ShareChat
शेयरचैट को आईआईटी कानपुर के तीन एलुमनी-अंकुश सचदेवा, फरीद अहसान और भानु सिंह ने शुरू किया था। क्षेत्रीय भाषाओं के कंटेट में यह शुरुआती कंपनियों में शुमार थी। टिकटॉक पर बैन के बाद इसने जून 2020 में Moj लॉन्च किया था और इसका सफर शानदार रहा। इसके अलावा कंपनी ने डेलीहंट के जोश को भी शुरू किया। शेयरचैट और मोज के करीब 34 करोड़ यूजर्स हैं। शेयरचैट की पैरेंट कंपनी मोहल्ला टेक की मौजूदा वैल्यू करीब 490 करोड़ डॉलर है। जून 2022 में इसने सीरीज एच फंडिंग राउंड में गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट और सिंगापुर की टेमासेक होल्डिंग्स से करीब 52 करोड़ डॉलर जुटाए।
(Article: Chandra R Srikanth, DeepSekhar Choudhury, Nikhil Patwardhan)