Inmobi lays off : भारत के पहले यूनिकॉर्न स्टार्टअप इनमोबी ने 2023 की शुरुआत में ही अपने 50 से 70 तक कर्मचारियों को निकाल दिया है। यह छंटनी इनमोबी के साथ-साथ उसके दूसरे बिजनेस ग्लांस (Glance) से भी की गई है। ग्लांस लॉक स्क्रीन बेस्ड कंटेंट सर्विसेज उपलब्ध कराती है। बिजनेस स्टैंडर्ड ने एक सूत्र के हवाले से यह खबर दी है। इस संबंध में समाचार पत्र की तरफ से भेजे गए ईमेल पर दी प्रतिक्रिया में Inmobi ने कहा कि वह “सालाना आधार पर मौजूदा टैलेंट का मूल्यांकन करती है और फिर उसके आधार पर फैसला करती है।”
इस साल नहीं करेगी इंक्रीमेंट
कंपनी ने कहा कि यह एक सामान्य काम है और कंपनी हर साल होने वाली प्रक्रिया का हिस्सा है। मनीकंट्रोल स्वतंत्र रूप से इस घटनाक्रम की पुष्टि नहीं कर सका है।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इससे पहले Inmobi अपने वर्कफोर्स को कैलेंडर वर्ष में इंक्रीमेंट साइकिल नहीं करने की सूचना दे चुकी है। इसके बाद यह छंटनी की गई है।
भर्तियां भी हो चुकी हैं बंद
फाइनेंशियल एक्सप्रेस की पिछले महीने की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सॉफ्टबैंक (SoftBank) के निवेश वाली कंपनी ने यह भी कहा कि वह जरूरत पड़ने पर ही नए टैलेंट की भर्ती करेगी। कंपनी के कर्मचारियों की संख्या लगभग 2,600 है।
Inmobi को वर्ष 2011 में भारत के पहले यूनिकॉर्न (India's first unicorn) का दर्जा हासिल हुआ था, जबकि ग्लांस को दिग्गज टेक कंपनी गूगल (Google) और इनवेस्टमेंट फर्म मिथरिल कैपिटल (Mithril Capital) को 14.5 करोड़ डॉलर जुटाए जाने के बाद 2020 में यह दर्जा हासिल हुआ था।
2022 में हुईं 20,000 छंटनी
गौर करने की बात है कि भारतीय स्टार्टअप्स 2022 में लगभग 20,000 लोगों की छंटनी कर चुके हैं। दरअसल स्टार्टअप इकोसिस्टम को लंबे समय से फंडिंग की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इस साल की शुरुआत में भी छंटनी जारी है। कैब एग्रीगेटर ओला ने 13 जनवरी को घोषणा की कि वह रिस्ट्रक्चरिंग के तहत लगभग 200 कर्मचारियों की छंटनी करेगी।