अगले दो-तीन दशक इंडिया के होंगे: N Chandrasekaran Chairman of Tata Sons

चंद्रशेखरन का मानना है कि जियोपॉलिटिक्स की मौजूदा तस्वीर इंडिया के पक्ष में है। इस वक्त विदेश और देश में हमारे लिए बड़े मौके हैं। इंडिया ऐसा देश है, जहां टैलेंट भरपूर उपलब्ध है

अपडेटेड Nov 25, 2022 पर 11:05 AM
चंद्रशेखरन ने कहा कि आप वैल्यूएशंस के लिए कंपनी नहीं बनाते हैं। वैल्यूएशंस आएगी और जाएगी। मार्केट में अच्छा सेंटिमेंट है, इसलिए आपको आसानी से फंड मिल जाता है, जिससे आपकी वैल्यूएशंस बढ़ जाती है।

आने वाले दो-तीन दशक इंडिया के होंगे। डिजिटल, सप्लाई चेन और एनर्जी ट्रांसमिशन में आए बदलावों ने इंडिया के लिए बड़े मौके पैदा किए हैं। यह कहना है टाटा संस (Tata Sons) के चेयरमैन नटराजन चंद्रशेखरन (Natrajan Chandrasekaran) का। उनका मानना है कि जियोपॉलिटिक्स की मौजूदा तस्वीर भी इंडिया के लिए पक्ष में है। इस वक्त विदेश और देश में हमारे लिए बड़े मौके हैं। इंडिया ऐसा देश है, जहां टैलेंट भरपूर उपलब्ध है। यह कहना सही होगा कि यह और अगले कुछ दशक इंडिया के होंगे। मेरा मानना है कि यह समय ऐसा है, जब लोग बड़े सपने देख सकते हैं और उसे हासिल कर सकते हैं। चंद्रशेखर ने यह भी बताया कि उन्होंने अपने अनुभव से किस तरह नई चीजें सीखी और किस तरह उन्हें अपनी लीडरशिप स्टाइल में इससे मदद मिली। उन्होंने बिजनेस खड़ा करने के मौजूदा कल्चर के बारे में भी अपनी राय रखी। खासकर स्टार्टअप्स के मामले में जहां चीजें वैल्यूएशंस (Valuations) से तय होती हैं न कि हेल्दी कैश फ्लो से।

चंद्रशेखरन ने कहा कि आप वैल्यूएशंस के लिए कंपनी नहीं बनाते हैं। वैल्यूएशंस आएगी और जाएगी। मार्केट में अच्छा सेंटिमेंट है, इसलिए आपको आसानी से फंड मिल जाता है, जिससे आपकी वैल्यूएशंस बढ़ जाती है। यह पैसा आपकी कंपनी के लिए बहुत फायदेमंद नहीं होगा। जब पैसा आता है तो सक्सेस लाता है और वैल्यूएशंस बढ़ जाती है। उन्होंने कहा, "अगर ऑर्गेनाइजेशन फिट नहीं है तो आप ग्रोथ रेट को लेकर टारगेट तय नहीं कर सकते। सबसे पहले आपको अकाउंटिंग स्टेटमेंट के लेफ्ट साइड-बैलेंसशीट को देखना चाहिए। राइड-हैंड साइड को देखने से पहले इसे (लेफ्ट साइड) -प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट को ठीक करना चाहिए।"

यह भी पढ़ें : Sensex@62000: सेंसेक्स ऑल टाइम हाई पर, अभी शेयर खरीदें या बेचें


टाटा संस के चेयरमैन ने कहा कि अगर कैश फ्लो के लिहाज से कंपनी के पास पर्याप्त पूंजी नहीं है और उसके पास टीम और स्ट्रक्चर नहीं है तो छोटी अवधि में तो उसे कामयाबी मिल सकती है लेकिन यह टिकाऊ नहीं होगा। कंपनी पूरी तरह से कितनी फिट है, यह बहुत अहम है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।