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Sensex, Nifty ऑल टाइम हाई के करीब, फिर भी IPO पेश नहीं करना चाहते टेक यूनिकॉर्न, जानिए क्या है वजह

पिछले एक-डेढ़ साल में टेक स्टार्टअप्स के पब्लिक इश्यू को जिस तरह का रिस्पॉन्स मिला है, उसके चलते लॉस में चल रहे स्टार्टअप्स कोई रिस्क नहीं लेना चाहते हैं। पिछले एक साल में वेंचर कैपिटल के निवेश वाले कुछ ही यूनिकॉर्न ने आईपीओ मार्केट का रुख किया। पिछले छह महीनों में सिर्फ Honasa Consumer Ltd ने सेबी को ड्राफ्ट पेपर्स सब्मिट किया है। यह Mamaearth की पेरेंट कंपनी है। इसमें वीसी ने निवेश किया है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 13, 2023 पर 11:58 AM
Sensex, Nifty ऑल टाइम हाई के करीब, फिर भी IPO पेश नहीं करना चाहते टेक यूनिकॉर्न, जानिए क्या है वजह
ऐसा लगता है कि Zomato, Paytm, PB Fintech सहित न्यू एज कंपनियों के आईपीओ के हश्र को देखने के बाद स्टार्टअप्स की सोच बदल रही है। उन्हें समझ आ रहा है कि उनकी बिजनेस और वैल्यूएशंस को लेकर पब्लिक शेयरहोल्डर्स की सोच अलग है।

स्टॉक मार्केट में शानदार तेजी है। लेकिन, IPO मार्केट में ज्यााद हलचल नहीं दिख रही। खासकर वीसी के इनवेस्टमेंट वाले टेक स्टार्टअप्स आईपीओ लाने की जल्दबाजी में नहीं दिख रहे हैं। इसकी वजह यह है कि पिछले एक-डेढ़ साल में टेक स्टार्टअप्स के पब्लिक इश्यू को जिस तरह का रिस्पॉन्स मिला है, उसके चलते लॉस में चल रहे स्टार्टअप्स कोई रिस्क नहीं लेना चाहते हैं। पिछले एक साल में वेंचर कैपिटल के निवेश वाले कुछ ही यूनिकॉर्न ने आईपीओ मार्केट का रुख किया। फाइव स्टार बिजनेस फाइनेंस इसका एक उदाहरण है। हालांकि, यह दूसरे यूनिकॉर्न से अलग है, क्योंकि यह 40 साल पुरानी ट्रेडिशनल नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी है। यह मुनाफा कमा रही है।

यूनिकॉर्न्स IPO लाने की जल्दबाजी में नहीं

2021 के मुकाबले इस बार हालात अलग दिख रहे हैं। तब स्टॉक मार्केट में तेजी के दौरान वीसी इनवेस्टमेंट वाले कई स्टार्ट्अप्स ने IPO मार्केट का रुख किया था। तब चार बड़े स्टार्टअप्स ने आईपीओ पेश किए थे। इस बार उस तरह की जल्दबाजी नहीं दिख रही है। ऑनलाइन फॉर्मेंसी प्लेटफॉर्म Pharmeasy की पेरेंट कंपनी API Holdings ने आईपीओ का प्लान वापस ले लिया है। सॉफ्टबैंक के निवेश वाले Firstcry ने पिछले साल आईपीओ पेश करने का प्लान बनाया था। लेकिन उसने अब तक SEBI के पास ड्राफ्ट पेपर्स सब्मिट नहीं किया है।

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