Jefferies ने कहा, Zomato और Shiprocket के बीच डील की संभावना नहीं

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जोमैटो ने B2B लॉजिस्टिक्स स्टार्टअप शिपरॉकेट को खरीदने के लिए ऑफर दिया है। हालांकि, ब्रोकरेज फर्म जेफरीज का मानना है कि इस डील की संभावना नहीं है। ब्रोकरेज फर्म ने स्टॉक को 'बाय' रेटिंग दी है और उसे इसकी कीमतों में 32 पर्सेंट बढ़ोतरी की संभावना है।

अपडेटेड Dec 21, 2023 पर 10:46 PM
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जोमैटो के पास पहले ही शिपरॉकेट में 5 पर्सेंट हिस्सेदारी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जोमैटो (Zomato) ने B2B लॉजिस्टिक्स स्टार्टअप शिपरॉकेट (Shiprocket) को खरीदने के लिए ऑफर दिया है। हालांकि, ब्रोकरेज फर्म जेफरीज का मानना है कि इस डील की संभावना नहीं है। ब्रोकरेज फर्म ने स्टॉक को 'बाय' रेटिंग दी है और उसे इसकी कीमतों में 32 पर्सेंट बढ़ोतरी की संभावना है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, जोमैटो ने इंडियन ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स स्टार्टअप बिगफुट रिटेल सॉल्यूशंस (Bigfoot Retail Solutions) यानी शिपरॉकेट को खरीदने के लिए ऑफर दिया था। रिपोर्ट के मुताबिक, टारगेट वैल्यूएशन 2 अरब डॉलर था। जेफरीज ने 21 दिसंबर को कंपनी से जुड़ी अपनी रिपोर्ट में कहा कि मौजूदा स्थिति में इस डील की संभावना काफी कम है, क्योंकि मैनेजमेंट के पास पहल से क्विक कॉमर्स बिजनेस को बढ़ाने का दबाव है।

जैसा कि एनालिस्ट ने बताया है, जोमैटो के पास पहले ही शिपरॉकेट में 5 पर्सेंट हिस्सेदारी है। एनालिस्ट्स के मुताबिक, अगर यह डील होती है, तो जोमैटो के शेयरों की परफॉर्मेंस 'कमजोर' हो सकती है, क्योंकि पहली नजर में यह ऐसा अधिग्रहण लगता है, जिसमें दोनों कंपनियों के बीच कोई संबंध नहीं हो। हालांकि, क्विक कॉमर्स और हाइपरप्योर सेगमेंट में कुछ जुड़ाव है।


शिपरॉकेट B2B लॉजिस्टिक्स स्टार्टअप है, जो डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर ब्रांड्स और अपैरल, इलेक्ट्रॉनिक्स, ब्यूटी एंड पर्सनल केयर और ग्रोसरी जैसी कैटगरी में अपनी सेवाएं मुहैया कराती है। यह एसेट लाइट मॉडल के जरिये ऑपरेट करती है और यह ग्राहकों को लॉजिस्टिक्स से जुड़ी तमाम सेवाएं ऑफर करने की कोशिश करती है।

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