Tata Group News: टाटा ग्रुप देश में चिप की फाउंड्री और चिप पैकेजिंग प्लांच सेटअप कर रहा है। इसमें टॉप क्लास के एंप्लॉयीज की भर्ती के लिए ग्रुप की नजर ताईवान पर है जहां दुनिया का 80 फीसदी से अधिक चिप तैयार होता है। इसे लेकर टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स (Tata Electronics) 13 अप्रैल को ताइवान के एक शहर Hsinchu में रोडशो करेगी। इस शहर में ताइवान सेमीकंडक्टर मैनुफैक्चरिंग कंपनी, पावरचिप सेमीकंडक्टर मैनुफैक्चरिंग कॉरपोरेशन, यूनाइटेड स्टेट्स माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन और एपिस्टर जैसी कंपनियों के चिप फैब्रिकेशन प्लांट्स हैं। टाटा का यह रोडशो ऐसे समय में होने वाला है, जब 3 अप्रैल को रिक्टर स्केल पर 7.4 की तीव्रता के भूकंप के चलते ताइवान में कई चिप प्लांट अस्थायी तौर पर बंद हैं। हालांकि चिप वार (Chip War) किताब के लेखक क्रिस मिलर का कहना है रोडशो जैसी योजना काफी पहले बनाई जाती है।
Tata Electronics को चाहिए इन कार्यों के लिए एंप्लॉयीज
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने रोडशो के लिए जो पोस्टर बनवाया हुआ है, उसमें सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री ऐसे ताइवानी प्रोफेशल्स की मांग की गई है जिनके पास में 5-16 साल का अनुभव हो। इसके अलावा कैंडिडेट को काम करने के लिए भारत आना होगा लेकिन शुरुआत में 18 महीने की ट्रेनिंग ताइवान में ही होगी। कंपनी इक्विपमेंट इंजीनियरिंस, यील्ड इंजीनियर्स और ऑटोमेशन इंजीनियर्स समेत सात रोल्स के लिए हायरिंग करेगी। इसके अलावा यह इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल की डिप्लोमा वाले टेक्नीशियन की भी भर्ती करेगी। क्रिस के मुताबिक यहां सबसे अहम चुनौती वेतन और कैरियर अवसर साबित होगा। काउंटरपॉइंट टेक्नोलॉजी मार्केट रिसर्च के रिसर्च डायरेक्टर तरुण पाठक का कहना है कि ताइवान से कैंडिडेट्स को भारत काम पर आने के लिए आकर्षक इंसेंटिव का ऑफर देना होगा।
टाटा के दो प्रस्ताव को मिली मंजूरी
चिप सब्सिडी स्कीम के तहत सरकार ने हाल ही में टाटा के फैब्रिकेशन प्लांट के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। गुजरात के धोलेरा में 91 हजार करोड़ रुपये की लागत में यह प्लांट टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और ताइवान की पीएसएमसी मिलकर बनाएगी। यहां इलेक्ट्रिक गाड़ियों, टेलीकॉम, डिफेंस, ऑटो, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, डिस्प्ले और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए 50nm, 55nm, 90nm और 28nm के चिप बनेंगे। धोलेरा के प्लांट से 20 हजार डायेरक्ट जॉब तैयार होंगे। इसके अलावा टाटा सेमीकंडक्टर एसेंबली और टेस्ट प्राइवेट लिमिटेड असम के मोरीगांव में 27 हजार करोड़ रुपये के निवेश से एक सेमीकंडक्टर पैकेजिंग यूनिट बनाएगी। यहां से हर दिन 4.8 करोड़ चिप बन सकेंगे। मोरीगांव के यूनिट बनने से रोजगार के 27 हजार मौके बनेंगे।