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"अब भरोसा नहीं रहा", ट्रंप की हरकतों से परेशान जर्मनी, अमेरिका से वापस ला सकती है अपना 1,200 टन सोना

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ धमिकयों से तंग आकर जर्मनी एक बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। जर्मनी की सरकार अमेरिका में रखे अपने 1,200 टन सोना को वापस लाने पर गंभीरता से विचार कर रही है। ब्रिटिश अखबार 'द टेलीग्राफ' ने जर्मनी के अखबार Bild के हवाले से यह जानकारी दी है। यह कदम ट्रंप के नए टैरिफ वार के बाद दुनिया भर में बढ़ते व्यापारिक तनाव को दिखाता है

Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड Apr 05, 2025 पर 6:42 PM
"अब भरोसा नहीं रहा", ट्रंप की हरकतों से परेशान जर्मनी, अमेरिका से वापस ला सकती है अपना 1,200 टन सोना
जर्मनी ने कई दशकों से अपना करीब 1200 टन सोना, अमेरिकी फेडरल रिजर्व बैंक की तिजोरियो में रखा हुआ है

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ धमिकयों से तंग आकर जर्मनी एक बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। जर्मनी की सरकार अमेरिका में रखे अपने 1,200 टन सोना को वापस लाने पर गंभीरता से विचार कर रही है। ब्रिटिश अखबार 'द टेलीग्राफ' ने जर्मनी के अखबार Bild के हवाले से यह जानकारी दी है। यह कदम ट्रंप के नए टैरिफ वार के बाद दुनिया भर में बढ़ते व्यापारिक तनाव को दिखाता है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि, जर्मनी ने कई दशकों से अपना करीब 1200 टन सोना, न्यूयॉर्क स्थित अमेरिकी फेडरल रिजर्व बैंक की तिजोरियो में रखा हुआ है। इस सोने की अनुमानित वैल्यू इस समय लगभग 113 अरब डॉलर या लगभग 10 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है। यह जर्मनी के कुल गोल्ड रिजर्व का करीब 30 प्रतिशत हिस्सा है और अमेरिका के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा राष्ट्रीय गोल्ड रिजर्व माना जाता है।

ट्रंप ने पिछले हफ्ते ही यूरोपीय यूनियन समेत दुनिया के तमाम देशों पर टैरिफ लगाने का ऐलान किया। यूरोपीय यूनियन पर 20 फीसदी का ऊंचा टैरिफ लगाया गया है। जर्मनी, यूरोपीय यूनियन का ही हिस्सा है। ट्रंप के टैरिफ ऐलानों की जर्मनी में तीखी प्रतिक्रया देखने को मिल रही है। जर्मनी की प्रमुख राजनीतिक पार्टी क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक यूनियन (CDU) के कई प्रभावशाली नेता अब इस व्यवस्था की समीक्षा की मांग कर रहे हैं।

CDU के सांसद और पूर्व मंत्री मार्को वांडरविट्ज़ ने Bild से बात करते हुए कहा, "बिलकुल, गोल्ड को वापस लाने का सवाल एक बार फिर उठ खड़ा हुआ है।" वांडरविट्ज़ लंबे समय से ऐसी नीतियों की मांग करते रहे हैं, जिससे जर्मन अधिकारियों को अमेरिका में रखे इसे गोल्ड रिजर्व की सीधी जांच की इजाजत मिले या फिर इसे अमेरिका से वापस लाया जाए। मार्को वांडरविट्ज़ ने 2012 में भी अमेरिका में रखे गोल्ड रिजर्व के जांच की मांग की थी, लेकिन उनके अनुरोध को ठुकरा दिया गया था।

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