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Vivo Money Laundering Case : कोर्ट ने गिरफ्तार दो कर्मचारियों को रिहा करने का दिया आदेश, क्या है मामला?

Vivo Money Laundering Case : चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने पहले कहा था कि वह वीवो मामले पर करीब से नजर रख रहे हैं। प्रवक्ता ने कहा, भारत में चीनी दूतावास और वाणिज्य दूतावास कानून के अनुसार संबंधित लोगों को कांसुलर प्रोटेक्शन और मदद देना जारी रखेंगे

Edited By: Shubham Singh Thakurअपडेटेड Dec 30, 2023 पर 6:54 PM
Vivo Money Laundering Case : कोर्ट ने गिरफ्तार दो कर्मचारियों को रिहा करने का दिया आदेश, क्या है मामला?
Vivo India से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में कोर्ट ने दो सीनियर कर्मचारियों को रिहा करने का आदेश दिया है।

Vivo India Money Laundering Case : चीन की स्मार्टफोन कंपनी वीवो इंडिया (Vivo India) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में कोर्ट ने दो सीनियर कर्मचारियों को रिहा करने का आदेश दिया है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने यह जानकारी दी है। कंपनी के अंतरिम CEO होंग ज़ुक्वान उर्फ टेरी, चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) हरिंदर दहिया और सलाहकार हेमंत मुंजाल को ED ने गिरफ्तार किया था। इन्हें प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत हिरासत में लिया गया था।

क्या है मामला

अधिकारियों को चीनी स्मार्टफोन कंपनी और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। एजेंसी ने पहले इस मामले में चार गिरफ्तारियां की थीं जिनमें मोबाइल कंपनी लावा इंटरनेशनल के MD हरिओम राय, चीनी नागरिक गुआंगवेन उर्फ एंड्रयू कुआंग और चार्टर्ड अकाउंटेंट नितिन गर्ग और राजन मलिक शामिल थे।

दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को वीवो इंडिया के तीन अधिकारियों की ईडी हिरासत एक दिन के लिए बढ़ा दी थी। ईडी ने आरोपियों की चार दिनों के लिए और हिरासत की मांग की थी, लेकिन अदालत ने उनसे हिरासत में पूछताछ के लिए केवल एक दिन और दिया। आरोपियों को उनकी छह दिन की ईडी हिरासत की अवधि समाप्त होने पर अदालत में पेश किया गया।

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