USSR के विभाजन के 30 साल से ज्यादा हो चुके हैं। तब व्लादिमीर पुतिन 39 साल के थे। वह रूस के विघटन से खुश नहीं थे। एक बार उन्होंने मीडिया को बताया था कि रूस के बंटने से 1,000 साल पुरानी विरासत का ज्यादातर हिस्सा खत्म हो गया है। गुरुवार को यूक्रेन पर हमले के बाद एक बार फिर से पुतिन के शख्सियत की चर्चा शुरू हो गई है। क्या वह साम्राज्यवादी हैं, क्या वह रूस को फिर से दुनिया की सबसे बड़ी ताकत बनाना चाहते हैं, या यूक्रेन पर हमला सिर्फ रूस में सत्ता में बने रहने की उनकी तिकड़म का हिस्सा है? आइए इन सवालों के जवाब जानने की कोशिश करते हैं।
