क्या है अनसिक्योर्ड बिजनेस लोन? कैसे मिल सकता है और इसके क्या फायदे हैं?
अगर आपके पास गिरवी रखने के लिए कोई एसेट नहीं है, तब भी अनसिक्योर्ड बिजनेस लोन के जरिए आप अपने बिजनेस के लिए आसानी से फंड जुटा सकते हैं। सही प्लानिंग और समय पर रीपेमेंट से यह आपके बिजनेस ग्रोथ को तेजी दे सकता है।
बिजनेस चलाने के लिए लगभग हर स्टेज पर पैसे की जरूरत होती है, फिर चाहे वो नए ब्रांच खोलना हो, मशीन अपग्रेड करनी हो या रोजमर्रा का खर्च मैनेज करना हो. लेकिन कई बार छोटे और मिड साइज बिजनेस या स्टार्टअप्स के पास कोई प्रॉपर्टी या एसेट नहीं होता, जिसे गिरवी रखकर लोन लिया जा सके. ऐसे में अनसिक्योर्ड बिजनेस लोन एक बढ़िया ऑप्शन साबित हो सकता है.
अनसिक्योर्ड बिजनेस लोन के लिए किसी तरह की गारंटी या कोलैटरल की जरूरत नहीं होती है. ये लोन आपकी इनकम, क्रेडिट स्कोर और बिजनेस की परफॉर्मेंस को देखकर दिया जाता है.
अनसिक्योर्ड बिजनेस लोन क्या होता है?
ये ऐसा लोन है, जिसमें बैंक या फाइनेंस कंपनी आपसे कोई जमीन-जायदाद या कोई और गारंटी नहीं मांगती. लोन इस आधार पर दिया जाता है कि आपकी कमाई कितनी है, क्रेडिट हिस्ट्री कैसी है और आपका बिजनेस कितनी स्टेबल है. यानी ये लोन आपकी रेप्युटेशन और फाइनेंशियल बैकग्राउंड पर बेस्ड होता है, न कि किसी प्रॉपर्टी पर.
बिजनेस की जरूरत के हिसाब से ऐसे लोन कई प्रकार के होते हैं:
टर्म लोन: इसमें एक तय रकम मिलती है, जिसे हर महीने EMI के रूप में चुकाना होता है. ये लोन बिना कोलैटरल के मिलता है और इसे बिजनेस के किसी भी काम के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. टेन्योर आमतौर पर 1 से 5 साल के बीच होता है.
ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी: ये आपके करंट अकाउंट से जुड़ी फैसिलिटी होती है. इसमें आप बैंक से तय लिमिट तक एक्स्ट्रा पैसा निकाल सकते हैं, भले ही अकाउंट में बैलेंस कम हो. कैश फ्लो मैनेज करने के लिए ये काफी काम की चीज है.
गवर्मेंट स्कीम्स: सरकार की कुछ स्कीम्स जैसे प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) और स्टैंड-अप इंडिया स्कीम भी बिना कोलैटरल के लोन देती हैं, खासकर SMEs और अंडरसर्व्ड सेक्टर के लिए.
माइक्रो लोन: माइक्रोफाइनेंस इंस्टिट्यूशन्स छोटे अमाउंट के लोन देती हैं, जैसे 5,000 से लेकर 2 लाख रुपए तक. ये तुरंत जरूरत के लिए फायदेमंद होते हैं.
कंज्यूमर लोन: अगर बिजनेस के लिए कंप्यूटर, AC या ऑफिस फर्नीचर जैसी चीजें खरीदनी हैं, तो Buy Now Pay Later जैसी स्कीम्स भी एक ऑप्शन होती हैं. इससे आपको एक साथ सारा पैसा देने की जरूरत नहीं होती.
अनसिक्योर्ड बिजनेस लोन के फायदे
तेज प्रोसेसिंग और अप्रूवल: क्योंकि इसमें प्रॉपर्टी वगैरह चेक नहीं करनी होती, इसलिए लोन जल्दी पास हो जाता है. सिर्फ क्रेडिट स्कोर, बैंक स्टेटमेंट और इनकम की जांच होती है. मनीकंट्रोल जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर तो पूरा प्रोसेस ऑनलाइन होता है और 50 लाख रुपए तक के लोन कुछ ही क्लिक में मिल सकते हैं.
फ्लेक्सिबल रीपेमेंट: अनसिक्योर्ड लोन में EMI चुकाने की शर्तें काफी फ्लेक्सिबल होती हैं. आप अपनी कमाई के मुताबिक 1 से 5 साल का टेन्योर चुन सकते हैं.
कोई रिस्क नहीं: इसमें प्रॉपर्टी या कोई पर्सनल एसेट दांव पर नहीं होता. इसलिए अगर बिजनेस में कभी स्लो डाउन हो भी गया, तो प्रॉपर्टी खोने का डर नहीं रहता.
क्रेडिट स्कोर बेहतर होता है: अगर आप लोन टाइम पर चुकाते हैं, तो आपका क्रेडिट स्कोर सुधरता है. आगे चलकर इससे बड़े लोन या बेहतर टर्म्स पर पैसे मिल सकते हैं.
कुछ कमियां भी हैं
हाई इंटरेस्ट रेट: बिना कोलैटरल लोन देने का मतलब बैंक के लिए रिस्क ज्यादा. इसलिए इसका इंटरेस्ट रेट भी थोड़ा ज्यादा होता है.
स्ट्रिक्ट एलिजिबिलिटी: ऐसे लोन उन बिजनेस को ही आसानी से मिलते हैं, जिनका क्रेडिट स्कोर अच्छा हो और जो पहले से स्टेबल चल रहे हों. नए बिजनेस या जिनकी फाइनेंशियल हिस्ट्री स्ट्रॉन्ग नहीं है, उन्हें दिक्कत आ सकती है.
पर्सनल गारंटी: कई बार बैंक आपसे पर्सनल गारंटी मांगते हैं. इसका मतलब ये कि अगर आप लोन नहीं चुका पाए तो आपकी पर्सनल प्रॉपर्टी पर भी असर पड़ सकता है.
कैसे अप्लाई करें?
फाइनेंशियल्स को तैयार रखें: लोन लेने से पहले ये सुनिश्चित कर लें कि आपका बिजनेस रेगुलर इनकम जनरेट कर रहा हो और क्रेडिट स्कोर ठीक हो.
सही प्रकार का लोन चुनें: आपकी जरूरत के हिसाब से कौन सा लोन सही रहेगा – टर्म लोन, ओवरड्राफ्ट या माइक्रो लोन – ये पहले तय कर लें.
किन डॉक्युमेंट्स की जरूरत होती है?
KYC डॉक्युमेंट्स जैसे पैन कार्ड, आधार कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस
पूरा भरा हुआ एप्लिकेशन फॉर्म
बिजनेस के फाइनेंशियल स्टेटमेंट – जैसे प्रॉफिट एंड लॉस स्टेटमेंट और बैलेंस शीट
पिछले 6 महीने के बैंक स्टेटमेंट
टैक्स डॉक्युमेंट्स – जैसे PAN या फॉर्म 60
बिजनेस प्रूफ – जैसे रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट या लाइसेंस
नतीजा क्या निकला?
अगर आपके पास गारंटी देने लायक प्रॉपर्टी नहीं है, फिर भी आप अपने बिजनेस के लिए फंड जुटाना चाहते हैं, तो अनसिक्योर्ड बिजनेस लोन एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है. मनीकंट्रोल जैसे प्लेटफॉर्म पर आप 50 लाख रुपए तक का लोन पूरी तरह डिजिटल प्रोसेस में ले सकते हैं, वो भी बिना किसी झंझट के.