Why Bitcoin is falling: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट्स को तबाह करने की धमकी दी है। इससे जियो-पॉलिटिकल टेंशन बढ़ गया और वैश्विक निवेशकों का सेंटिमेंट कमजोर हुआ। इसने क्रिप्टो मार्केट में भी कोहराम मचा दिया। मार्केट कैप के हिसाब से दुनिया का सबसे बड़ा क्रिप्टो बिटकॉइन फिसलकर $68000 के नीचे आ गया जिसने क्रिप्टो मार्केट में ताबड़तोड़ बिकवाली शुरू कर दी। ट्रंप के बयान के कुछ ही घंटे के भीतर यह तेज गिरावट देखने को मिली। इससे एक दिन पहले उन्होंने संकेत दिया था कि वह पश्चिमी एशिया में लड़ाई को कम करने को लेकर विचार कर रहे हैं।
Trump के बदले रुझान पर 60 मिनट में ही $24 करोड़ की पोजिशन बंद
लड़ाई बंद करने के विचार से पावर प्लांट्स तबाह करने की चेतावनी तक एकाएक ट्रंप के बदले रुख ने कोहराम मचा दिया। सिर्फ 60 मिनट में $24 करोड़ से अधिक के लेवरेज्ड क्रिप्टो पोजिशन समाप्त हो गए तो 24 घंटे में कुल लिक्विडेशन $100 करोड़ से अधिक हो गया, जिसमें करीब $98 करोड़ के दांव बुविश वाले थे लेकिन अब गिरती कीमतों के चलते इन्हें बीच में ही बंद करना पड़ा।
BitCoin में क्यों आई बिकवाली की आंधी?
बिटकॉइन के $68,000 से नीचे फिसलने के चलते बिकवाली की भारी आंधी आई। इससे पहले बिटकॉइन ने हफ्ते की शुरुआत में करीब $76,000 का लेवल छुआ था जो इसके लिए छह हफ्तों का हाई लेवल था, लेकिन उसके बाद तीन दिनों से गिरावट जारी रही। शुक्रवार को यह करीब $70,000 के आसपास आ गया और अब यह $68 हजार के भी नीचे आ गया। यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब ईरान और अमेरिका-इजरायल की लड़ाई ने दुनिया भर में आर्थिक अनिश्चितता बढ़ाई है, सप्लाई की दिक्कतों के चलते तेल की कीमतें रॉकेट की स्पीड से ऊपर बढ़ी है और एनर्जी के बढ़ती कीमतों से फिर से महंगाई बढ़ने की आशंका बढ़ी है जो फेडरल रिजर्व की नीतियों पर असर डाल सकती है। अब मार्केट यह संकेत दे रहा है कि अक्टूबर तक फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की लगभग 50% संभावना है, जिससे क्रिप्टो जैसे रिस्क वाले एसेट्स पर दबाव बढ़ा है।
क्या कहना है एक्सपर्ट्स का?
एनालिस्ट्स के मुताबिक निवेशक एक ऐसी कठिन स्थिति में हैं, जहां बढ़ती तेल कीमतें या तो महंगाई बढ़ा सकती हैं या आर्थिक विकास को धीमा कर सकती हैं। विंटरम्यूट के ओटीसी ट्रेडिंग हेड जेक ओस्ट्रोव्स्किस (Jake Ostrovskis) का कहना है कि इस अनिश्चितता के चलते क्रिप्टो मार्केट में वोलैटिलिटी बढ़ रही है। उनका कहना है कि अगर तेल की कीमतें महंगाई बढ़ाती हैं, तो फेड दरों में कटौती से बचेगा। अगर विकास की रफ्तार सुस्त होती है तो तो दरें घटानी पड़ सकती हैं, लेकिन निवेशक बिटकॉइन जैसे रिस्क वाले एसेट्स से दूर जा सकते हैं।
टैगस कैपिटल के एनालिस्ट्स का कहना है कि क्रिप्टो मार्केट में सेंटिमेंट फिर बिगड़ रहा है और निवेशक अभी भी सतर्क रुख अपना रहे हैं। एनालिस्ट्स के मुताबिक $68,00 एक अहम टेक्निकल लेवल है। अगर बिटकॉइन इस लेवल के नीचे टिका रहता है तो $60.8 करोड़ की लॉन्ग पोजिशन और बंद हो सकती है जिससे इसके भाव $60,000 तक टूट सकते हैं। वहीं अगर बिटकॉइन के भाव $72000 के पार जा सकते हैं तो करीब $85.6 करोड़ के शॉर्ट पोजिशन बंद हो सकती है और इसमें तेज उछाल आ सकता है। फिलहाल बिटकॉइन $69,000–$69,500 के बीच स्थिर हुआ है, जिसे एक महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन माना जा रहा है। हालांकि तकनीकी संकेत अभी भी सतर्कता के संकेत दे रहे हैं। शॉर्ट-टर्म मोमेंटम ओवरसोल्ड के संकेत दे रहे हैं लेकिन लॉन्ग टर्म का रुझान कमजोर बना हुआ है।