जी एंटरटेनमेंट (Zee Entertainment) की टेक सब्सिडियरी फर्म मार्को नेटवर्क्स प्राइवेट लिमिटेड (Margo Networks Pvt Ltd) का कारोबार बीते 22 मार्च से ही बंद हो चुकी है। इसके चलते कंपनी के 50-60 कर्मचारियों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा। मार्को नेटवर्क्स, 'शुगरबॉक्स (Sugarbox)' नाम से इंटरनेट कनेक्टिविटी मुहैया कराती है। यह फर्म ऐसे समय में बंद हुई है, जब Zee एंटरटेनमेंट वित्तीय संकटों से जूझ रही है। Zee एंटरटेनमेंट का हाल ही में सोनी (Sony) के साथ बिजेनस मर्ज होने की डील टूट गई है। इसके बाद से ही कंपनी के लिए मुश्किलें बढ़ गई है। Zee एंटरटेनमेंट ने लागत को कम करने के लिए नौकरियों में कटौती की है और बेंगलुरु स्थित अपने टेक्नोलॉजी एंड इनवोशेन सेंटर (ITC) के 50 प्रतिशत कर्मचारियों की छंटनी कर दी है।
Zee Entertainment का शुद्ध मुनाफा दिसंबर तिमाही के दौरान सालाना आधार पर 140 फीसदी बढ़कर 58.5 करोड़ रुपये रहा था। हालांकि तिमाही आधार पर इसमें 52 फीसदी की गिरावट आई। सितंबर 2023 तिमाही में कंपनी ने 122.96 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था।
कंपनी के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CEO), रोहित गुप्ता ने बताया कि दिसंबर तिमाही के दौरान मर्जर और दूसरे एक्सेप्शनल आइट्म्स का खर्च 60.3 करोड़ रुपये रहा, जिसके चलते उनके मुनाफे पर असर पड़ा।
शुगरबॉक्स के कर्मचारियों को एक वर्चुअल मीटिंग के जरिए कंपनी के बंद होने की जानकारी दी गई और उन्हें लिखित में कुछ भी नहीं दिया गया। कर्मचारियों को यह भी नहीं पता है कि उनकी जो फरवरी और मार्च महीने की सैलरी बकाया है, वह उन्हें मिलेगी या नहीं। खबर लिखे जाने तक Zee और Sugarbox ने मनीकंट्रोल के भेजे सवालों का जवाब नहीं दिया था।
कुछ कर्मचारियों को कंपनी से लेटर मिला है, जिसमें कहा गया है कि उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है और उनका बकाया चुका दिया गया है। मनीकंट्रोल ने एक लेटर का स्क्रीनशॉट देखा है। इसमें कहा गया है, “आपको बताया जाता है कि आपके इस्तीफे के रिक्वेस्ट को स्वीकार कर लिया गया है और (कर्मचारी को) कंपनी की सेवाओं से मुक्त करने पर सहमति दी गई है। यह 22 मार्च 2024 के वर्किंग ऑवर खत्म से प्रभावी हो जाएगी। कोई बकाया नहीं बचा है और आपके जाने से जुड़ी सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं।”
एक कर्मचारी ने मनीकंट्रोल को बताया, "हम पूरी ताकत से काम कर रहे थे क्योंकि उन्होंने हमें बताया था कि उन्हें कुछ टूरिस्ट ट्रेनों के लिए एक नया कॉन्ट्रैक्ट मिल रहा है और हमें वहां अपना सिस्टम तैनात करना होगा।" उन्होंने कहा, “फिर 22 मार्च को, हमें एक वर्चुअल कॉल में जुड़ने का मैसेज आया। हमें कोई अंदाजा नहीं था कि कॉल किस बारे में थी। इससे पहले दिन में, रोहित (परांजपे, शुगरबॉक्स के को-फाउंजर) ने हमें बताया कि उनकी ZEE के साथ एक बैठक है और वह एक जरूरी जानकारी के साथ वापस आएंगे। बाद में, हमें वर्चुअल कॉल पर बताया गया कि वे कंपनी बंद कर रहे हैं।"