जी और सोनी के विलय का रास्ता बंद हो गया है और सोनी ने खुद इसका आधिकारिक तौर पर ऐलान कर दिया है। इसे लेकर सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया के एमडी और सीईओ एनपी सिंह ने एंप्लॉयीज को आश्वस्त किया है कि सीनियर मैनेजमेंट कंपनी के लॉन्ग टर्म भविष्य को लेकर प्रतिबद्ध है। सोनी ने जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज (Zee Entertainment Enterprises) के साथ विलय के 1 हजार करोड़ डॉलर के सौदे को रद्द कर दिया। सोनी ने जी से 9 करोड़ डॉलर के टर्मिनेशन फीस की भी मांग की है।
सौदा रद्द होने पर क्या कहा Sony के सीएमडी ने
मनीकंट्रोल को जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक सोनी के सीएमडी एनपी सिंह ने कहा कि विलय को लेकर कंपनी ने जो काम किया, वह यह दिखाता है कि जब एक ही लक्ष्य पर काम करना है तो कंपनी कितनी समर्पित हो सकती है। अब चूंकि सौदा रद्द हो चुका है तो सीनियर मैनेजमेंट के साथ मिलकर बाजार में अपनी उपस्थिति को मजबूत करने के लिए सक्रिय रूप से नई ऑर्गेनिक और इनऑर्गेनिक संभावनाओं का पता लगाया जाएगा उन्होंने बताया कि फिलहाल कंपनी का तत्काल फोकस पूरी क्षमता से ऐसे कंटेंट तैयार करना है जिससे न सिर्फ ऑडिएंस जुड़ें बल्कि सब्सक्राइबर और रेवेन्यू में अच्छी ग्रोथ हो। एनपी सिंह ने कहा कि M&E की दुनिया लगातार बदल रही है और कंपनी का सफर सिर्फ बदलाव को अपनाने पर ही नहीं बल्कि इसे लीड करने को लेकर है।
Zee पर सौदा रद्द होने का क्या असर
अगर सोनी और जी के बीच विलय हो जाता तो 75 चैनल, दो वीडियो स्ट्रीमिंग सर्विसेज और दो फिल्म स्टूडियो एक एंटिटी के तहत आ जाते। इस सौदे का ऐलान वर्ष 2001 में हुआ था और इसके चलते एनालिस्ट्स ने जी एंटरप्राइजेज के शेयरों की फिर से रेटिंग कर दी थी। हालांकि अब 22 जनवरी 2024 को डील रद्द हो गई तो एक ही दिन में इसके शेयर 30 फीसदी टूट गए। वैश्विक ब्रोकरेज फर्म CLSA ने इसकी रेटिंग घटाकर सेल कर दी और टारगेट प्राइस भी घटाकर 198 रुपये कर दिया।
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