Agri Commodity: मसालों में लागातार उतार चढ़ाव का खेल जारी है। जीरे में तेजी के बाद मुनाफावसूली देखने को मिल रही है। तो धनिया और हल्दी भी लगातार दूसरे हफ्ते गिरें हैं। 3 दिनों की तेजी के बाद जीरे की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है। लगातार दूसरे हफ्ते कीमतों में दबाव कायम है।
3 दिनों की तेजी के बाद जीरे की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है। 4 हफ्तों के निचले स्तरों तक जीरे का भाव फिसला है। जीरे का दिसंबर वायदा 24170 तक गिरा है। ऊपरी स्तरों से मुनाफावसूली से जीरे ने दबाव बनाया है।
बुआई में देरी से जीरे की कीमतों को सपोर्ट मिल रहा है। तापमान ज्यादा होने से गुजरात, राजस्थान में बुआई में देरी देखने को मिल रही है। मांग में तेजी से भी जीरे की कीमतों को सपोर्ट मिल रहा।
लगातार दूसरे हफ्ते धनिया की कीमतों में दबाव कायम है।2 हफ्तों में करीब 1.50% की गिरावट आई है। लगातार 6 दिनों से भाव 8000 के नीचे आया है। नवंबर में धनिया के दाम 8% से ज्यादा चढ़े थे।
लगातार दूसरे हफ्ते हल्दी की कीमतों में दबाव कायम है। 2 हफ्तों में हल्दी की कीमतों में 8% तक की गिरावट आई। मुनाफावसूली के कारण कीमतों में दबाव कायम है। मंडियों में आवक बढ़ने से भी दबाव बना है। बुआई में देरी से कीमतों को सपोर्ट मिल रहा है। महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्रा में 30-35% तक बुआई है। बाजार को आवक बढ़ने से दाम और गिरने की आशंका है।
क्या है एक्सपर्ट्स की राय
मीत ट्रेडर्स के ओनर किशोर शाह का कहना है कि तापमान ज्यादा होने के कारण बुआई में देरी आई है। जीरे की मांग कम है। जीरा एक दायरे में ट्रेड कर रहा हैं। इस महीने में 400-500 टन की एक्सपायरी संभव है।
अमर अग्रवाल फूड्स के ओनर अंकित अग्रवाल का कहना है कि धनिया के दामों में मंदी ज्यादा नहीं बनेगी। हल्दी में खरीदारी का मौका बन रहा है। हल्दी की मांग में बढ़त संभव है। फरवरी के पहले हफ्ते में हल्दी की फसल आएगी।
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