Get App

Edible Oil: खाने के तेल के इंपोर्ट पर कृषि मंत्री का बड़ा बयान, क्या घटेगा एडिबल ऑयल इंपोर्ट, जानें मांग पर कैसा होगा इसका इपेक्ट

Edible Oil: SEA के डॉ. बी. वी. मेहता का कहना है कि देश में तिलहन का उत्पादन बढ़ना चाहिए। देश में लगातार खाने के तेल की मांग बढ़ रही है। देश में खाने के तेल की खपत 3-4% सालाना की दर से बढ़ी है। हालांकि यह ग्लोबल औसत से अब भी कम है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 25, 2025 पर 2:24 PM
Edible Oil: खाने के तेल के इंपोर्ट पर कृषि मंत्री का बड़ा बयान, क्या घटेगा एडिबल ऑयल इंपोर्ट, जानें मांग पर कैसा होगा इसका इपेक्ट
30 मई को ही सरकार ने इंपोर्ट ड्यूटी घटाई थी। देश में जरूरत का 57% खाने तेल इंपोर्ट होता है।

Edible Oil:  केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खाने के तेल को लेकर एक बड़ा दिया है। उनका कहना है कि देश को असलियत में खाने के तेल का इंपोर्ट नहीं करना चाहिए। इससे किसानों को नुकसान होता है। लेकिन जो देश अपनी कुल जरूरत का करीब 60% खाने के तेल की जरूरत को इंपोर्ट से पूरा करता है वो इंपोर्ट नहीं करेगा तो करेगा क्या? क्या हम खाने के तेल में आत्मनिर्भर हो रहे हैं और अगर नहीं तो ये सफर कितना लंबा है? खाने के तेल की पैकेजिंग भी लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। इस पर SEA ने सरकार को चिट्ठी भी लिखी है।

30 मई को ही सरकार ने इंपोर्ट ड्यूटी घटाई थी। देश में जरूरत का 57% खाने तेल इंपोर्ट होता है। मई 2025 में खाने के तेल का इंपोर्ट 22% गिरा है जबकि मई 2025 में इंपोर्ट 11.87 लाख टन का हुआ।

क्या कहां  कृषि मंत्री ने

खाने के तेल के इंपोर्ट पर कृषि मंत्री का बड़ा बयान आया । देश को खाने के तेजों का इंपोर्ट नहीं करना चाहिए। इंपोर्ट बढ़ने से किसानों को नुकसान होता है। ड्यूटी कम होना भी किसानों के लिए परेशानी है। सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। तिलहन में देश को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें