ट्रंप टैरिफ का असर बेस मेटल और क्रूड पर साफ दिखाई दे रहा है। ग्लोबल मंदी की आशंका और चीन की रेटिंग डाउनग्रेड से मेटल शेयरों में आज सबसे ज्यादा बिकवाली रही। निफ्टी मेटल सेक्टर करीब 6 परसेंट टूटा। नाल्को, टाटा स्टील, वेदांता और हिंदुस्तान कॉपर और नाल्को में 8% तक की गिरावट देखने को मिली।
इंटरनेशनल मार्केट में बेस मेटल्स के दाम गिरे है। कॉपर का भाव 3 हफ्तों के निचले स्तरों पर पहुंचा है जबकि जिंक 9 महीनों के नीचे फिसल गया है। LME पर कॉपर डेढ़ महीनों के निचले स्तरों पर पहुंचा है। चीन में स्टील का भाव 3200 CNY/टन के नीचे पहुंचा है।
इस बीच करीब आयरन ओर का भाव 5 महीनों के नीचे फिसला है जबकि एल्युमिनियम का भाव करीब 7 महीनों के नीचे फिसला है। जिंक का भाव भी 9 महीनों के नीचे गिरा है। ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ लगने से बेस मेटल्स में गिरावट है। बाजार को अमेरिका में भी मंदी आने की आशंका है। इस बीच फिच ने चीन की रेटिंग 'A+' से घटाकर 'A' की है। जिसका असर भी मेटल पर देखने को मिल रहा है।
बेस मेटल्स की चाल पर नजर डालें तो 1 हफ्ते में कॉपर में 7 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है जबकि 1 महीने में यह 1 फीसदी लुढ़का है । वहीं 1 हफ्ते में स्टील में 1 फीसदी, आयरन ओर में 5 फीसदी, लेड में 5 फीसदी, एल्युमिनियम में 5 फीसदी, टिन में 6 फीसदी और निकेल में 5 फीसदी की गिरावट देखने को मिली।
वहीं 1 महीने में स्टील में 3 फीसदी, आयरन ओर में 5 फीसदी, लेड में 5 फीसदी, एल्युमिनियम में 9 फीसदी, टिन में 7 फीसदी और निकेल में 2 फीसदी की गिरावट देखने को मिली।
बता दें कि अमेरिका ने मेटल्स को बड़े पैमाने पर व्यापक व्यापार प्रतिबंधों से बाहर रखा गया है। हालांकि इस बात की आशंका बनी हुई है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की नीतियों के व्यापक आर्थिक प्रभाव वैश्विक विकास को धीमा कर सकते हैं और खपत को नुकसान पहुंचा सकते हैं। COMEX पर मई डिलीवरी के लिए तांबा $4,839 प्रति पाउंड ($10,645 प्रति टन) तक गिर गया, जो पिछले हफ्ते की रिकॉर्ड ऊंचाई से 10% नीचे है। लंदन मेटल एक्सचेंज पर भी तांबा 2% गिरकर 9,510.5 डॉलर प्रति टन पर आ गया। इसके साथ ही एल्युमीनियम भी लगभग 7 महीनों में अपने सबसे निचले स्तर पर आ गया।
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