बासमती चावल की इस कारण बढ़ी मांग, थोक मार्केट में तेजी से चढ़ गए भाव

बासमती चावल की मांग में इजाफा के चलते नए सीजन में इसके भाव में तेज उछाल दिख रही है। इसकी सबसे अधिक खरीदारी मिडिल ईस्ट और यूरोप में होती है और यहां मांग बढ़ने के चलते भाव में तेज उछल दिख रही है। थोक अनाज बाजारों में थोक खरीदारों को पिछले साल की तुलना में 10% से 15% अधिक पेमेंट करना पड़ रहा है

अपडेटेड Nov 29, 2023 पर 11:35 AM
Story continues below Advertisement
भारत से सालाना 40 लाख टन से अधिक बासमती चावल ईरान, इराक, यमन, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और संयुक्त राज्य अमेरिका समेत अन्य देशों को निर्यात होता है।

बासमती चावल की मांग में इजाफा के चलते नए सीजन में इसके भाव में तेज उछाल दिख रही है। इसकी सबसे अधिक खरीदारी मिडिल ईस्ट और यूरोप में होती है और यहां मांग बढ़ने के चलते भाव में तेज उछल दिख रही है। थोक अनाज बाजारों में थोक खरीदारों को पिछले साल की तुलना में 10% से 15% अधिक पेमेंट करना पड़ रहा है। किसानों के मुताबिक पिछले महीने बासमती चावल के निर्यात के लिए न्यूनतम कीमत 1,200 डॉलर प्रति टन से घटाकर 950 डॉलर प्रति टन कर दी जिसके चलते एक्सपोर्ट्स ऑर्डर में तेज उछाल आई। इस वजह से कीमतें भी बढ़ गईं। इस महीने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने जानकारी दी थी कि भारत से करीब 5 लाख टन नए बासमती चावल के लिए एक्सपोर्ट कॉन्ट्रैक्ट हो चुके हैं।

कितना आया भाव में फर्क

हरियाणा के एक किसान सुक्रमपाल बेनीवाल का कहना है कि बासमती चावल की एक टॉप वैरायटी की थोक बाजार में कीमत पिछले साल के 45,000 रुपये प्रति टन से बढ़कर लगभग 50,000 रुपये ($ 599.93) प्रति टन हो गई है। सुक्रमपाल के मुताबिक बाकी किस्मों की कीमतें भी पिछले साल के 40,000 रुपये के मुकाबले 46,000 रुपये प्रति टन तक पहुंच गई हैं। उन्होंने बताया कि मिल वाले और निर्यातक बासमती चावल खरीदने के लिए थोक बाजारों में आ रहे हैं जिससे मांग में तेजी के संकेत दिख रहे हैं।

Business Idea: महोगनी के पेड़ से होती है नोटों की बारिश! एक एकड़ में 1 लाख का करें निवेश


सालाना 40 लाख टन चावल होता है निर्यात

भारत से सालाना 40 लाख टन से अधिक बासमती चावल ईरान, इराक, यमन, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और संयुक्त राज्य अमेरिका समेत अन्य देशों को निर्यात होता है। लंबे किस्म का यह चावल अपनी सुगंध के लिए प्रसिद्ध है। यूरोप में भी इसका बाजार काफी बड़ा है। घरेलू मार्केट में इसकी कीमतों को स्थिर करने के लिए भारत ने जुलाई में गैर-बासमती सफेद चावल के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था और बाद में बासमती चावल के निर्यात के लिए न्यूनतम मूल्य भी निर्धारित किया था।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।