Commodity Market: ईरान से यारी, पड़ेगी भारी, क्या आगे गिरेंगे बासमती के दाम, जानें क्या कहते है बाजार जानकार

Commodity Market: अक्षय गुप्ता ने कहा कि टैरिफ से बाजार में अनिश्चितता बढ़ती है। 15-20 दिनों से ईरान को कोई शिपमेंट नहीं हो रहा है। टैरिफ से ज्याजा ईरान के अंदर चलती चीजें ज्यादा बड़ी समस्या है। उन्होंने आगे कहा कि ईरान में कारोबारी हालात काफी बिगड़ चुके हैं

अपडेटेड Jan 13, 2026 पर 1:38 PM
Story continues below Advertisement
ईरान के चीन, UAE, और भारत से कारोबारी संबंध है। ट्रंप के टैरिफ का तीनों देशों पर असर होगा। भारत पर पहले ही 50% टैरिफ लगा हुआ है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को घोषणा की कि जो देश ईरान के साथ कारोबार करेंगे, उन पर अमेरिका के साथ व्यापार करने पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाया जाएगा। डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा, “तुरंत प्रभाव से, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ व्यापार करने वाला कोई भी देश संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ किए जा रहे किसी भी और सभी व्यापार पर 25 प्रतिशत का टैरिफ देगा। “यह आदेश अंतिम और निर्णायक है।” “इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद!” हालांकि, इस बयान में यह साफ नहीं किया गया कि यह शुल्क किन क्षेत्रों पर और किस तरह लागू होगा।

ईरान पर प्रतिबंध, किस पर असर ?

ईरान के चीन, UAE, और भारत से कारोबारी संबंध है। ट्रंप के टैरिफ का तीनों देशों पर असर होगा। भारत पर पहले ही 50% टैरिफ लगा हुआ है। 50% में से 25% रेसिप्रोकल टैरिफ लगा है। 25% रूस से तेल इंपोर्ट को लेकर टैरिफ है।


भारत के लिए ईरान क्यों है अहम?

विदेश, व्यापार नीति का ईरान महत्वपूर्ण हिस्सा है। भारत मध्य एशिया, रूस, यूरोप तक पहुंच बढ़ाना चाहता है। इसके लिए भारत ने कई परियोजनाओं में निवेश किया है। इसमें ईरान एक प्रमुख ट्रांजिट हब की भूमिका निभाता है। चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से अहम है। भारत चाबहार पोर्ट से पाकिस्तान को बायपास करता है। अफगानिस्तान, मध्य एशिया, यूरोप तक सीधा व्यापारिक रास्ता है। चाबहार बंदरगाह इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर

(INSTC) का भी अहम हिस्सा है। इस रास्ते भारत को इंपोर्ट-एक्सपोर्ट में काफी फायदा है। करीब 40% समय और लगभग 30% लागत की बचत रहा।

भारत का ईरान को एक्सपोर्ट

ईरान को भेजे जाने वाले प्रमुख सामानों में चावल शामिल है। चाय, चीनी, दवाइयां भी भारत ईरान को एक्सपोर्ट करता है। इलेक्ट्रिक मशीनरी, आर्टिफिशियल फाइबर भी शामिल है। सब्जियां, चाय, कॉफी, गहनों समेत कई चीजों का एक्सपोर्ट करता है।

ईरान का कारोबार गिरता है तो बासमती के दाम गिरेंगे

KRBL के हेड (बल्क एक्सपोर्ट्स) अक्षय गुप्ता ने कहा कि टैरिफ से बाजार में अनिश्चितता बढ़ती है। 15-20 दिनों से ईरान को कोई शिपमेंट नहीं हो रहा है। टैरिफ से ज्याजा ईरान के अंदर चलती चीजें ज्यादा बड़ी समस्या है। उन्होंने आगे कहा कि ईरान में कारोबारी हालात काफी बिगड़ चुके हैं। इंडस्ट्रीज के लिए जियोपॉलिटिकल तनाव बढ़ा है।

उन्होंने आगे कहा है कि अगर ईरान का कारोबार गिरता है तो बासमती के दाम गिरेंगे। क्योंकि ईरान को भेजे जाने वाले प्रमुख सामानों में चावल भी शामिल है।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।