Commodity Market: बढ़ सकती है दालों के ड्यूटी-फ्री इंपोर्ट की मियाद, जानिए आज किन कमोडिटीज में दिखा सबसे ज्यादा एक्शन

Commodity Market: US-ईरान की जंग गहराने का असर कमोडिटी बाजार पर दिखाई दे रहा है। कच्चा तेल 116 तक जा पहुंचा। WTI का भाव 101 डॉलर के पार निकला है। एक दिन में आई 3% से ज्यादा की तेजी आई। 28 फरवरी से करीब 60% की तेजी रही

अपडेटेड Mar 30, 2026 पर 4:37 PM
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सूत्रों के हवाले से मिली खबर के मुताबिक दालों के ड्यूटी-फ्री इंपोर्ट की मियाद बढ़ सकती है। सरकार दालों पर ड्यूटी-फ्री इंपोर्ट विंडो बढ़ा सकती है। अरहर, उड़द पर राहत जारी रहने की उम्मीद है।

Commodity Market: सूत्रों के हवाले से मिली खबर के मुताबिक दालों के ड्यूटी-फ्री इंपोर्ट की मियाद बढ़ सकती है। सरकार दालों पर ड्यूटी-फ्री इंपोर्ट विंडो बढ़ा सकती है। अरहर, उड़द पर राहत जारी रहने की उम्मीद है। सूत्रों के मुताबिक दाम काबू में रखने के लिए मियाद बढ़ सकती है ।छूट की मौजूदा मियाद

31 मार्च को खत्म हो रही।

क्यों बढ़ेगी इंपोर्ट की मियाद?

देश में एल नीनो के आने की आशंका बढ़ी है। दालों का उत्पादन एल नीनो से गिर सकता है। अमेरिका, ईरान की जंग से फ्रेट कॉस्ट बढ़ी है। इस साल तुअर का उत्पादन 5% गिर सकता है जबकि इस साल उड़द का उत्पादन


11% गिर सकता है।

इंडस्ट्री को क्या है डर?

US-ईरान जंग का इंपोर्ट पर असर संभव है। क्रूड महंगा होने के महंगाई बढ़ने की आशंका है। फ्रेट कॉस्ट और इंश्योरेंस दोनों के बढ़ने की आशंका है। शिपिंग कंपनियां “वार-रिस्क प्रीमियम” बढ़ा सकती हैं। डॉलर के मुकाबले रुपए में गिरावट से भी इंपोर्ट महंगा होगा। एक हफ्ते में पॉलीप्रोपाइलीन बैग में पैकेजिंग लागत बढ़ी। PP बैग में पैकेजिंग लागत 11 से बढ़कर 23 हुई। पैकेजिंग महंगा होने से लागत `250/टन तक बढ़ी।

बढ़ेगी एथेनॉल की ब्लेंडिंग?

1 अप्रैल से पूरे देश में E20 फ्यूल सप्लाई होगी। सरकार ने OMCs को सभी राज्यों/UTs में लागू करने का निर्देश किया। सरकार अब E25 शिफ्ट पर चर्चा शुरू कर रही है। सरकार 2030 तक E30 ब्लेंडिंग का लक्ष्य है। ब्लेंडिंग से कच्चे तेल का इंपोर्ट घटता है। ब्लेंडिंग नहीं तो 4.5 करोड़ बैरल अतिरिक्त क्रूड इंपोर्ट करता है। 700 करोड़ के अतिरिक्त खर्च का बोझ पड़ता है। भारत की एथेनॉल उत्पादन क्षमता 2000 करोड़ लीटर है। इसमें से 1000 करोड़ लीटर पेट्रोल ब्लेंडिंग में इस्तेमाल होगा।

कच्चे तेल में लगी आग

US-ईरान की जंग गहराने का असर कमोडिटी बाजार पर दिखाई दे रहा है। कच्चा तेल 116 तक जा पहुंचा। WTI का भाव 101 डॉलर के पार निकला है। एक दिन में आई 3% से ज्यादा की तेजी आई। 28 फरवरी से करीब 60% की तेजी रही। कच्चे तेल की कीमतों में यह तेजी US-ईरान की जंग के 5वें हफ्ते में पहुंची। US-ईरान जंग गहराने से तेजी आई। हूती विद्रोही भी जंग में शामिल हुए। ट्रंप ने खार्ग आइलैंड पर कब्जे की बात कही। 3500 अतिरिक्त US सैनिक वेस्ट एशिया पहुंचे।

95/$ के पार रुपया

रुपए की गिरावट ने बाजार में हाहाकार मचा दिया है। RBI के एक्शन के बाद रुपया करीब सवा एक रुपया मजबूत खुला था लेकिन बाद में सारी तेजी हवा हो गई। रुपया 95 के पार निकल गया। 28 फरवरी से अब तक करीब 5% की गिरावट आई। जनवरी से अब तक 6% से ज्यादा टूटा । जनवरी 2025 के बाद एक महीने सबसे ज्यादा बिकवाली आई।

ऊपरी स्तरों पर नहीं टिका रुपया

RBI के एक्शन के बाद रुपया 93.58/$ पर खुला था। लेकिन ऊपरी स्तरों से बना दबाव, अब निचले स्तरों के पास पहुंचा। OMCs से डॉलर की भारी डिमांड देखने को मिला। OMCs डेडलाइन खत्म होने से पहले रूसी तेल खरीद रहे हैं। RBI ने कल घरेलू बाजार में बैंकों के लिए NOP-INR पोजिशन पर $100 Mn का कैप लगाया। NOP-INR का मतलब है बैंकों की ओपन डॉलर-रुपया पोजिशन। बैंकों को 10 अप्रैल तक ओपन पोजिशन घटाकर $100 Mn पर लानी है।

 

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