Commodity Market: इंटरनेशनल मार्केट में कॉटन के दाम में उछाल देखने को मिला। कॉटन की कीमतें 8 महीनों की ऊंचाई पर पहुंच गए हैं। कॉटन का भाव $67/Lbs के पार निकला है। 1 महीने में कॉटन की कीमतों में 6% की तेजी आई। युद्ध के कारण कॉटन की कीमतों को सपोर्ट मिला।
इंटरनेशनल मार्केट में कॉटन की चाल पर नजर डालें तो 1 हफ्ते में कीमतें 4 फीसदी चढ़ी है जबकि 1 महीने में इसमें 6 फीसदी की बढ़त देखने को मिली। जबकि इस साल अब तक इसमें 5 फीसदी चढ़ा।
CCI का कदम, किसान परेशान?
CCI बाजार में कॉटन की बिक्री कर रहा है। कॉटन की बिक्री से किसानों को परेशानी झेलना पड़ रहा है। CCI कम भाव पर कॉटन बेच रहा है। कम भाव पर बिक्री से नुकसान हो रहा है। किसान भाव चढ़ने की उम्मीद कर रहे थे। यहीं वजह है कि किसान फसल को रोक कर बैठे हुए थे। CCI की बिक्री से दाम चढ़ने की उम्मीद कम है।
2025 में US को एक्सपोर्ट चीन से ज्यादा रहा। भारत कॉटन प्रोडक्ट्स का सबसे बड़ा सप्लायर बना। अपैरल, होम टेक्सटाइल का सबसे बड़ा सप्लायर बना। हाल के सालों में पहली बार चीन को भारत ने पीछे छोड़ा है।
NCDEX पर भाव लगातार दूसरे दिन चढ़े है। अप्रैल वायदा 15000 के करीब पहुंचा। तेजी के बाद भी मार्च में दाम 4% गिरे है। कीमतों में लगातार तीसरे महीने दबाव रहा। 2026 में दाम अब तक 15% गिर चुके हैं। मार्च में दाम 4 महीने के नीचे पहुंचे थे। 9 मार्च को दाम `14082 तक गिरे थे।
मंडियों में आवक घटने से कीमतों को सपोर्ट मिल रहा है। मजबूत घरेलू ओर एक्सपोर्ट मांग से भी सपोर्ट मिला। किसानों और स्टॉकिस्टों ने होल्डिंग घटाई। महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक में बारिश हुई। बेमौसम बारिश से फसल को नुकसान हुआ। क्वालिटी में गिरावट आने की आशंका बढ़ी है। बाजार को आगे सप्लाई गिरने की आशंका है।