Crude Oil price:अमेरिका में गैसोलीन की इन्वेंटरी बढ़ने और संभावित मंदी के चलते मांग घटने की आशंका के चलते कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है। ग्लोबल मार्केट में कच्चा तेल करीब 2 डॉलर प्रति बैरल की गिरावट के साथ मार्च महीने के अंतिम दौर के बाद के सबसे निचले स्तर पर फिसल गया है। कल के कारोबार में ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 2.02 डॉलर प्रति बैरल यानी 2.4 फीसदी की गिरावट के साथ 81.10 डॉलर प्रति बैरल पर सेटल हुआ था। वहीं, WTI यानी नायमैक्स क्रूड फ्यूचर्स 1.87 डॉलर प्रति बैरल यानी 2.4 फीसदी की कमजोरी के साथ 77.29 डॉलर प्रति बैरल पर सेटल हुआ था।
कच्चे तेल में इस गिरावट का सबसे बड़ा कारण मंदी का डर
ये दोनों बेंचमार्क बुधवार को 2 फीसदी गिर गए और ओपेक + उत्पादन कटौती की घोषणा से ठीक पहले के अपने सबसे निचले स्तर के आसपास आ गए हैं। मिजुहो (Mizuho) में एनर्जी फ्यूचर्स के कार्यकारी निदेशक बॉब यॉगर (Bob Yawger) का कहना कि कच्चे तेल में इस गिरावट का सबसे बड़ा कारण मंदी का डर है।
बेरोजगारी लाभ के लिए नए दावे करने वाले अमेरिकियों की संख्या में हल्की बढ़त
बेरोजगारी लाभ के लिए नए दावे करने वाले अमेरिकियों की संख्या में पिछले हफ्ते हल्की बढ़त हुई थी। इसके पता चलता है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर में बढ़ोतरी के एक साल बाद श्रम बाजार में सुस्ती आ रही है और ईंधन की मांग में मंदी को लेकर चिंता बढ़ रही है।
अमेरिका में गैसोलीन इन्वेंट्री अप्रत्याशित रूप से बढ़ी
यूएस एनर्जी इंफॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन ने बुधवार को अपनी रिपोर्ट में कहा कि पिछले हफ्ते गैसोलीन इन्वेंट्री अप्रत्याशित रूप से 1.3 मिलियन बैरल बढ़कर 223.5 मिलियन बैरल पर पहुंच गई है।
इस बीच गैसोलीन की मांग भी सालाना आधार पर 3.9 फीसदी गिरकर 8.5 मिलियन बैरल प्रति दिन पर आ गई है। इस बीच, अमेरिकी कच्चे तेल के भंडार में 4.6 मिलियन बैरल की गिरावट आई है। लेकिन विश्लेषकों का कहना है कि ये गिरावट अल्पकालिक हो सकती है।
सप्लाई के आंकड़ों पर नजर डालें तो अप्रैल में रूस के पश्चिमी बंदरगाहों से तेल का लदान 2019 के बाद से उच्चतम स्तर पर पहुंच सकता है। पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री ने कहा है कि पाकिस्तान ने एक नए सौदे के तहत रियायती रूसी कच्चे तेल के लिए अपना पहला ऑर्डर दिया है। इसके तहत पाकिस्तान को रूस प्रति दिन 100000 बैरल कच्चा तेल दे सकता है।