Crude Oil Price: कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर उछाल देखने को मिल रहा है। ब्रेंट $66 के ऊपर और WTI $63 के करीब कारोबार कर रहा है। OPEC+ देश के फैसले से तेजी आई। OPEC+ अक्टूबर से उत्पादन बढ़ाएंगे। 1.37 लाख BPD उत्पादन बढ़ेगा। उम्मीद से कम क्रूड का उत्पादन बढ़ेगा। रूस पर US के संभावित प्रतिबंध से तेजी आई।
रूस का यूक्रेन पर हमलों का दौर जारी है। कीव में सरकारी बिल्डिंग को निशाना बनाया। US-EU रूस-यूक्रेन युद्ध पर बैठक करेंगे। बैठक में रूस पर और प्रतिबंध लग सकता है।
कच्चे तेल की चाल पर नजर डालें तो 1 हफ्ते में ब्रेंट क्रूड 2 फीसदी गिरा जबकि WTI क्रूड 3 फिसला है। वहीं 1 महीने में ब्रेंट 0.02 फीसदी की मामूली बढ़त देखने को मिली जबकि WTI क्रूड 2 फीसदी लुढ़का है। जनवरी से अब तक ब्रेंट 11 फीसदी लुढ़का है जबकि WTI क्रूड में 12 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। वहीं 1 साल में ब्रेंट में 7 फीसदी और WTI क्रूड में 8 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है।
MIRAE एसेट शेयरखान के रिसर्च एनालिस्ट मोहम्मद इमरान ने कहा कि पिछले कुछ महीनों से क्रूड की कीमतों को लेकर बियरिश नजरिया रहा है। ओपेक द्वारा प्रोडक्शन बढ़ाने के ऐलान से पहले कच्चे तेल की कीमतों में स्टेबिलिटी थी, लेकिन डिमांड इतना बढ़ा नहीं है। ओवरऑल FY25 के चौथी तिमाही में डब्ल्यूटीआई क्रूड का भाव 57 डॉलर के आसपास रहने की उम्मीद है।
मोहम्मद इमरान ने आगे कहा कि टैरिफ का इपेक्ट इकोनॉमी पर पूरी तरह से दिखाई नहीं दिया है। क्रूड ऑयल इंपोर्ट में चीन के आंकड़े में महीने दर महीने आधार पर इजाफा देखने को मिला है। नवंबर तक चीन के आंकड़े ठीक-ठाक आनी की उम्मीद है। यूएस में इकोनॉमी स्लोडाउन दिख रहा है। उन्होंने आगे कहा कि 57-60 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रह सकता है।
LKP सिक्योरिटीज के वीपी जतीन त्रिवेदी ने कहा कि पिछले 3-4 दिनों से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही थी, लेकिन आज की गैपअप ओपनिंग के बाद आई रैली बढ़ती नजर आ रही है। जो कहीं ना कहीं बुलिश फॉर्मेंशन बना रही है। जिस तरह से कच्चे तेल की कीमतें 5500 रुपये के ऊपर बनी हुई है। जिसके चलते इवनिंग ट्रेडिंग आउटलुक पॉजिटिव बन रहा है। 5540-5530 रुपये के आसपास एमसीएक्स पर कच्चे तेल का भाव मिलता है तब इसमें खरीदारी करने की सलाह होगी। ऊपर की तरफ 5620 रुपये के टारगेट हासिल हो सकते है।