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Jeera Price:7 महीनों के नीचे फिसला जीरे का भाव, कम उत्पादन और एक्सपोर्ट घटने से कीमतों में दिखा दबाव

जीरे में लगातार चौथे महीने गिरावट जारी है। जीरे का भाव 7 महीनों के नीचे फिसला। NCDEX पर मई वायदा 19200 के नीचे फिसला। फरवरी 2026 से जीरे का भाव गिर रहा है। 4 महीनों में 20% से ज्यादा की गिरावट देखने को मिला

Sujata Yadavअपडेटेड May 20, 2026 पर 4:47 PM
Jeera Price:7 महीनों के नीचे फिसला जीरे का भाव, कम उत्पादन और एक्सपोर्ट घटने से कीमतों में दिखा दबाव
भारत में जीरे की बुआई 2025-26 में घटकर लगभग 750,000 हेक्टेयर रह गई, जो पिछले साल 900,000 हेक्टेयर और 2023-24 में 1.2 मिलियन हेक्टेयर थी।

Jeera Price: जीरे में लगातार चौथे महीने गिरावट जारी है। जीरे का भाव 7 महीनों के नीचे फिसला। NCDEX पर मई वायदा 19200 के नीचे फिसला। फरवरी 2026 से जीरे का भाव गिर रहा है। 4 महीनों में 20% से ज्यादा की गिरावट देखने को मिला। साल की शुरुआत में 25000 के दाम पार थे। एक्सपोर्ट घटने से कीमतों में गिरावट जारी है।

US-ईरान जंग से जीरे का एक्सपोर्ट नहीं हो रहा है । पिछले साल से ट्रेड 50% कम हो गया है। युद्ध के कारण एक्सपोर्ट लागत काफी बढ़ी है। शिपमेंट और कंटेनर मिलने में परेशानी हो रही है। जीरे की फसल पिछले साल से 20% कम है।

भारत में जीरे का प्रोडक्शन कम हुआ

भारत में जीरे की बुआई 2025-26 में घटकर लगभग 750,000 हेक्टेयर रह गई, जो पिछले साल 900,000 हेक्टेयर और 2023-24 में 1.2 मिलियन हेक्टेयर थी। 2025-26 में प्रोडक्शन लगभग 650,000 टन रहने का अनुमान है, जबकि 2024-25 में यह 750,000टन (सालाना आधार पर 13% कम) और बंपर 2023-24 सीजन के दौरान 860,000 टन था।

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