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Edible Oil: ईरान -इजरायल युद्ध बिगाड़ सकता है रसोई का बजट, सोयाबीन, पाम ऑयल की कीमतों में दिखा उछाल

Edible Oil : पश्चिम एशिया में हो रही लड़ाई का असर खाद्य तेल की कीमतों में भी दिखाई दे रहा है। पिछले 1 हफ्ते में कीमतों में 3-5 रुपये प्रति किलो का उछाल देखने को मिला है। अगर यह लड़ाई लंबी खिंचती है तो कीमतों में 10 से लेकर 15 रुपये किलो की बढ़ोतरी हो सकती है

Edited By: Sujata Yadavअपडेटेड Mar 06, 2026 पर 5:12 PM
Edible Oil: ईरान -इजरायल युद्ध बिगाड़ सकता है रसोई का बजट, सोयाबीन, पाम ऑयल की कीमतों में दिखा उछाल
सरसों के तेल में भी मामूली बढ़ोतरी देखने को मिली है। इसकी कीमत 185 रुपये से बढ़कर करीब 186 रुपये प्रति किलो हो गई है।

Edible Oil : पश्चिम एशिया में हो रही लड़ाई का असर खाद्य तेल की कीमतों में भी दिखाई दे रहा है। पिछले 1 हफ्ते में कीमतों में 3-5 रुपये प्रति किलो का उछाल देखने को मिला है। अगर यह लड़ाई लंबी खिंचती है तो कीमतों में 10 से लेकर 15 रुपये किलो की बढ़ोतरी हो सकती है

पश्चिम एशिया में हो रही लड़ाई आपके किचन का बजट बिगाड़ सकती है। भारत अपनी जरूरत का 60 परसेंट खाद्य तेल आयात करता है। हालांकि वेस्ट एशिया के जरिए थोड़ी मात्रा में ही तेल का आयात होता है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजारों में खाद्य तेल की कीमतों में बढोतरी देखने को मिल रही है। सोयाबीन के साथ साथ पाम ऑयल की कीमतों में अचानक से बढ़ी है। सनफ्लावर, सरसों और मूंगफली के तेल की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है । लिहाजा घरेलू बाजार में कीमतों में भी उछाल देखने को मिल रहा है।

2 खाद्य तेलों की बढ़ती कीमतों के पीछे रुपये में आई कमजोरी भी एक बड़ा कारण है। पिछले 6 महीने में रुपये में करीब 5 फीसदी की कमजोरी देखने को मिली है। इससे खाद्य तेल का आयात महंगा हो गया है। अगर वार लंबी खिंचती है और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिलती है तो खाने पीने का बाकी सामान भी महंगा हो सकता है।

बीते एक हफ्ते में कई प्रमुख खाद्य तेलों के दाम बढ़े हैं। पाम ऑयल की कीमत एक हफ्ते पहले 134 रुपये प्रति किलो थी जो अब बढ़कर करीब 139 रुपये हो गई है। वहीं सोयाबीन ऑयल 148 रुपये से बढ़कर लगभग 150 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। सनफ्लावर ऑयल की कीमत 172 रुपये से बढ़कर 175 रुपये प्रति किलो हो गई है।

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