Gold Price: ग्लोबल मार्केट में सोना पहली बार $5200 के पार, भूराजनीतिक तनाव के चलते धड़ाधड़ निवेश

Gold Price: निवेशक इस हफ़्ते US फेडरल रिजर्व की पॉलिसी मीटिंग पर करीब से नज़र रख रहे हैं। हालांकि रेट्स में कोई बदलाव नहीं होने की उम्मीद है, मार्केट फेड चेयर जेरोम पॉवेल की कमेंट्री पर फोकस कर रहे हैं, जिसमें मॉनेटरी ईजिंग के आउटलुक और सेंट्रल बैंक के पॉलिसी रुख के बारे में संकेत मिलेंगे

अपडेटेड Jan 28, 2026 पर 9:21 AM
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US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के यह कहने के बाद कि वाशिंगटन साउथ कोरिया के इंपोर्ट पर नए टैरिफ लगाने की योजना बना रहा है, मार्केट की बेचैनी और बढ़ गई,

Gold Price Today: बुधवार (28 जनवरी) को सोने की कीमतें अब तक के सबसे ऊंचे लेवल पर पहुंच गई। दरअसल चल रहे जियोपॉलिटिकल तनाव और पॉलिसी की अनिश्चितता के बीच निवेशकों ने सेफ-हेवन एसेट्स की ओर रुख किया। यही कारण है कि सोने की कीमत वैश्विक बाजार में $5,200 प्रति औंस के पार निकल गई।

इस साल अब तक सोने में 18% से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई है। ऐसा ग्लोबल ट्रेड को लेकर टेंशन, US में फिस्कल रिस्क को लेकर चिंता और इस उम्मीद की वजह से है कि साल के आखिर में इंटरेस्ट रेट कम हो सकते हैं।

US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के यह कहने के बाद कि वाशिंगटन साउथ कोरिया से इंपोर्ट पर नए टैरिफ लगाने की योजना बना रहा है, मार्केट की बेचैनी और बढ़ गई। 30 जनवरी की फंडिंग डेडलाइन से पहले US सरकार के आंशिक शटडाउन के रिस्क ने भी सेंटिमेंट पर असर डाला।


निवेशक इस हफ़्ते US फेडरल रिजर्व की पॉलिसी मीटिंग पर करीब से नजर रख रहे हैं। वैसे तो रेट्स में कोई बदलाव न होने का अनुमान है, लेकिन मार्केट की नजर फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल की कमेंट्री पर टिकी है। इसमें मॉनेटरी पॉलिसी में नरम रुख के आउटलुक और सेंट्रल बैंक के पॉलिसी रुख के बारे में संकेत मिलेंगे।

स्ट्रक्चरल फैक्टर्स सोने को सपोर्ट करते रहेंगे। देशों के रिज़र्व में डाइवर्सिटी लाने से सेंट्रल बैंक की खरीदारी मज़बूत बनी हुई है, जबकि जियोपॉलिटिकल रिस्क ने इन्वेस्टर डिमांड बनाए रखी है। बैंक ऑफ़ अमेरिका के कमोडिटीज़ स्ट्रैटेजिस्ट माइकल विडमर ने कहा, "आम तौर पर तेज़ी तब खत्म होती है जब इन्वेस्टर को सोने की तरफ खींचने वाले फैक्टर कम हो जाते हैं, और हम ऐसा नहीं देख रहे हैं।"

बढ़ते पार्टिसिपेशन के साथ कीमतों में उछाल आया है। CME ग्रुप ने कहा कि उसके मेटल्स कॉम्प्लेक्स ने 26 जनवरी को एक दिन में 3.3 मिलियन से ज़्यादा कॉन्ट्रैक्ट का वॉल्यूम रिकॉर्ड किया, जो अब तक का सबसे ज़्यादा है।

ग्लोबल बैंक सोने के आउटलुक को लेकर ज़्यादा कंस्ट्रक्टिव हो गए हैं। ड्यूश बैंक और सोसाइटी जेनरल को उम्मीद है कि साल के आखिर तक कीमतें $6,000 प्रति औंस तक पहुंच जाएंगी।

UBS ग्लोबल रिसर्च को भी जल्द ही इसमें और तेज़ी दिख रही है। UBS ग्लोबल रिसर्च में प्रेशियस मेटल्स स्ट्रैटेजिस्ट जोनी टेवेस ने कहा, “साल के आखिर में कीमतें ऊंचे लेवल पर स्थिर होने से पहले हमें अगले कुछ क्वार्टर में नई ऊंचाई की उम्मीद है।” उन्होंने आगे कहा कि 2026 में सोना औसतन $5,200 प्रति औंस के आसपास रह सकता है।

भारत में, सोने की ऊंची कीमतों ने घरेलू वेल्थ वैल्यूएशन को बढ़ाया है, लेकिन इससे कंजम्प्शन में बड़े पैमाने पर बढ़ोतरी होने की संभावना नहीं है। UBS सिक्योरिटीज में चीफ इंडिया इकोनॉमिस्ट तन्वी गुप्ता जैन ने कहा, “सोने से जुड़ा वेल्थ इफ़ेक्ट घरेलू कंजम्प्शन को सपोर्ट करने में कम असरदार है, क्योंकि भारतीय परिवार आमतौर पर कीमतें ऊंची होने पर भी सोना बेचना पसंद नहीं करते हैं।”उन्होंने आगे कहा कि ऊंची कीमतों ने इसके बजाय गोल्ड-बैक्ड लेंडिंग में ग्रोथ को सपोर्ट किया है।

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