Gold Price Today: गुरुवार 9 जनवरी को सोने की कीमतों में मामूली गिरावट देखी गई, क्योंकि निवेशकों ने चार सप्ताह के उच्च स्तर के बाद मुनाफावसूली की। अब बाजार का ध्यान शुक्रवार 10 जनवरी को आने वाली अमेरिकी जॉब्स रिपोर्ट पर केंद्रित है, जिससे फेडरल रिजर्व की 2025 की ब्याज दर नीति पर स्पष्टता मिलने की उम्मीद है।
ग्लोबल मार्केट में सोने का रेट
स्पॉट गोल्ड की कीमतें 0.1% गिरकर $2,659.39 प्रति औंस पर आ गईं (0527 GMT तक)। हालांकि, अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 0.2% बढ़कर $2,678 प्रति औंस पर पहुंच गए।
भारत में सोने की कीमतों में रही तेजी
24 कैरेट सोने की कीमत ₹130 बढ़कर ₹7,900.3 प्रति ग्राम हो गई।
22 कैरेट सोने की कीमत ₹120 बढ़कर ₹7,243.3 प्रति ग्राम पर पहुंची।
सोने में इस सप्ताह की तेजी कमजोर अमेरिकी निजी रोजगार डेटा से प्रेरित थी, जिसने संकेत दिया कि फेडरल रिजर्व इस साल ब्याज दर बढ़ाने के रुख को नरम कर सकता है।
चीन का असर: चीन के केंद्रीय बैंक ने दिसंबर में लगातार दूसरे महीने अपने सोने के भंडार में बढ़ोतरी की। यह भंडार अब 73.29 मिलियन फाइन ट्रॉय औंस पर पहुंच गया है, जो छह महीने के अंतराल के बाद सोने की मांग को दर्शाता है।
अमेरिकी आर्थिक डेटा: सकारात्मक अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों ने सोने की बढ़त पर असर डाला। नवंबर में नौकरियों की संख्या 8.098 मिलियन रही, जबकि दिसंबर का ISM सर्विसेज PMI बढ़कर 54.1 पर पहुंचा, जो मजबूत आर्थिक गतिविधि को दर्शाता है। इससे डॉलर और ट्रेजरी यील्ड मजबूत हुए, जिसने सोने पर दबाव डाला।
महंगाई और फेडरल रिजर्व की नीति
8 जनवरी को जारी फेडरल रिजर्व की बैठक के मिनट्स ने लगातार बढ़ती महंगाई को लेकर चिंता जताई। नीतिकारों का मानना है कि महंगाई और व्यापार नीति में संभावित बदलाव ब्याज दरों में कटौती को टाल सकते हैं।
साल 2025 में कैसी रहेगी सोने की चाल
सोने की मौजूदा तेजी 2025 की शुरुआत तक जारी रह सकती है। लेकिन वित्तीय कारणों के चलते साल के अंत तक कीमतों में मामूली गिरावट आ सकती है। फिजिकली-बैक्ड गोल्ड ईटीएफ ने चार साल बाद पहली बार निवेश में बढ़ोतरी देखी। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार, यह निवेशकों के सेफ-हेवन एसेट्स की ओर बढ़ते रुझान को दर्शाता है।