चना और तुअर दाल जैसी अहम चीजों की कीमतें आम लोगों को परेशान न कर पाएं, इसे लेकर सरकार की नजरें लगातार इस पर बनी हुई हैं। फूड इनफ्लेशन और कीमतों को थामने के लिए कुछ अहम कमोडिटीज की कीमतों और उपलब्थता से जुड़ी चिंताओं के बीच टॉप लेवल पर अधिकारी वीकली स्टॉक रिपोर्ट पर निगरानी कर रहे हैं। यह जानकारी सीएनबीसी-टीवी18 को सूत्रों के हवाले से मिली है। सूत्रों ने बताया कि इसकी विस्तृत वीकली रिपोर्ट पीएमओ भेजी जा रही है जिसमें मौजूदा स्थिति का संकेत दिया गया है और मूल्य निगरानी कर रहे अधिकारियों के एनालिसिस शामिल हैं जिससे महंगाई दर से निपटने के लिए नीतियां बनाने में मदद मिलेगी। सूत्रों के मुताबिक कैबिनेट सचिवालय, वित्त मंत्रालय, खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग, कृषि और किसान कल्याण विभाग और उपभोक्ता मामलों के विभाग समेत अन्य ऑफिस कीमतों पर निगरानी रखे हुए हैं।
विदेशी से आ सकता है चना और तुअर दाल
सूत्रों के मुताबिक सरकार जल्द ही कीमतों को कम करने के लिए सही समय पर हस्तक्षेप कर तत्काल कदम के रूप में चना और तुअर दाल का आयात बढ़ा सकती है। उन्होंने बताया कि सरकार सस्ती दरों पर आवश्यक वस्तुओं की बिक्री में मदद के लिए आयात पर विचार कर रही है।
कैसे होती है वीकली आधार पर निगरानी?
सूत्रों ने बताया कि वीकली आधार पर जो निगरानी होती है, वह दालों, जरूरी कमोडिटीज, प्याज, टमाटर, आलू और खाने के तेल इत्यादि की कीमतों और उपलब्धता के आधार पर की जाती है। यह थोक और खुदरा लेवल पर देश के 570 प्राइस मॉनीटरिंग सेंटर्स पर होता है ताकि देश भर की स्थिति पता चल सके। यहां नीचे प्राइस मॉनिटरिंग रिपोर्ट के आधार पर 7 जून 2024 को कमोडिटीज के औसत भाव दिए जा रहे हैं-
इसे देखते हुए सरकार को तुअर और उड़द की अच्छी खरीफ बुआई की उम्मीद है और इनकी पैदावार अच्छी हो, इसके लिए जरूरी है कि बीज की बेहतर उपलब्धता हो और इसके लिए सरकार महाराष्ट्र और कर्नाटक राज्यों और इन राज्यों के किसान संघों के साथ बातचीत कर रही है। प्याज की उपलब्धता पर सरकारी सूत्रों ने कहा कि अभी कोई गंभीर चिंता नहीं है। हालांकि पहले के रिकॉर्ड देखते हुए सरकार ने पहले ही बफर सीमा बढ़ाने पर किसान संघों के साथ बातचीत शुरू कर दी है।