Agri Commodity: ग्वार पैक के लिए लगता है ये साल ठीक नहीं है। साल की शुरुआत से लेकर अब तक ग्वार गम का भाव 9% और ग्वार सीड का भाव 7% तक गिर चुका है। ग्वार सीड का भाव 5620 के नीचे फिसला है जबकि ग्वार गम का भाव 10500 के नीचे फिसला। इस साल में ग्वार गम अब करीब 10% गिरा है जबकि ग्वार सीड 6% से ज्यादा गिरावट आई। कच्चे तेल में गिरावट का असर पड़ रहा है।
NCDEX पर ग्वार गम की चाल पर नजर डालें तो 1 हफ्ते में ग्वार गम की कीमतों में 2 फीसदी का गिरावट आया जबकि 1 महीने में 5 फीसदी की बढ़त देखने को मिला। वहीं जनवरी से अब तक इस साल ग्वार गम की कीमतों में 9 फीसदी की गिरावट आई।
इसी तरह NCDEX पर ग्वार सीड की चाल पर नजर डालें तो 1 हफ्ते में ग्वार गम की कीमतों में 1 फीसदी का गिरावट आया जबकि 1 महीने में 4 फीसदी की बढ़त देखने को मिला। वहीं जनवरी से अब तक इस साल ग्वार गम की कीमतों में 7 फीसदी की गिरावट आई।
हल्दी में बड़ी हेरा-फेरी?
हल्दी पर ट्रे़डर ने SEBI को चिट्ठी लिखी। हल्दी की कीमतों अनियमितताओं के आरोप लगाया है। NCDEX पर हल्दी के भाव ठीक नहीं हैं। प्राइस डिस्कवरी प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
क्वालिटी "FAQ + गुड ग्रेड" के आधार पर दाम तय होते हैं। 3 सेमी, 5 सेमी और दूसरे ग्रेड्स के रेश्यो निर्धारित हैं।
निजामाबाद में नियमों को लेकर अनियमितता का आरोप लगाया है। स्पॉट पोलिंग में प्रीमियम क्वालिटी के रेट रिकॉर्डिंग किए जा रहे है। सलेम, हंसापुर, अंकापुर के रेट रिकॉर्ड हो रहे हैं। NCDEX डिलिवरेबल क्वालिटी से बेहतर, महंगे। स्पॉट रेट कृत्रिम रूप से बढ़ाए जा रहे हैं। जबकि वास्तविक ट्रेडिंग उन स्तरों पर नहीं हो रही। कुछ बाहरी सट्टा तत्व बाजार में एक्विट हो गए हैं। स्पॉट पोलिंग प्रक्रिया को प्रभावित कर रहे हैं। कार्टेल बनाकर कीमतों में हेरफेर की आशंका है।
हल्दी पर ट्रे़डर ने SEBI से अपील की है कि स्पॉट पोलिंग प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराई जाए। PAC सदस्य, एक्सपोर्टर्स से असली रेट की पुष्टि हो। ट्रेडर्स, ब्रोकर्स से भी असली रेट की पुष्टि हो। मुंबई, दिल्ली जैसे बड़े बाजारों से क्रॉस-वेरिफिकेशन किया जाए। FAQ (3cm/5cm) मानकों के आधार पर ही रेट तय हों। सिर्फ फोन पर नहीं, ग्राउंड लेवल पर सैंपल और ट्रेड की जांच हो। कार्टेल बनाकर कीमत प्रभावित करने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो।