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IMD Monsoon rain forecast: मॉनसून को लेकर बढ़ी चिंता, इस साल सामान्य से कम बारिश का अनुमान, एल-नीनो बन सकता है खतरा

IMD Monsoon rain forecast:आईएमडी ने साफ कहा है कि 2026 का मानसून "बिलो नॉर्मल" यानी सामान्य से कम रहने की संभावना है। आमतौर पर एलपीए के 96% से 104% के बीच बारिश को सामान्य माना जाता है। ऐसे में 90% का अनुमान कृषि, जलाशयों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए चिंता बढ़ा सकता है

Edited By: Sujata Yadavअपडेटेड May 29, 2026 पर 11:27 AM
IMD Monsoon rain forecast: मॉनसून को लेकर बढ़ी चिंता, इस साल सामान्य से कम बारिश का अनुमान, एल-नीनो बन सकता है खतरा
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 2026 के मॉनसून को लेकर चिंता बढ़ाने वाला पूर्वानुमान जारी किया है।

IMD Monsoon rain forecast: भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 2026 के मानसून को लेकर चिंता बढ़ाने वाला पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग के अनुसार जून से सितंबर के बीच देश में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। IMD ने मानसून के दौरान बारिश 92% रहने का अनुमान जताया गया था, लेकिन अब इसे घटाकर 90% कर दिया गया है। मौसम विभाग ने बारिश के दौरान एल-नीनो की आशंका जताई है जिसका असर इस साल बारिश पर देखने को मिल सकता है।

आईएमडी ने साफ कहा है कि 2026 का मानसून "बिलो नॉर्मल" यानी सामान्य से कम रहने की संभावना है। आमतौर पर एलपीए के 96% से 104% के बीच बारिश को सामान्य माना जाता है। ऐसे में 90% का अनुमान कृषि, जलाशयों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए चिंता बढ़ा सकता है।

साथ ही हालांकि IMD ने कहा कि उत्तर-पूर्व भारत में सामान्य बारिश हो सकती है। मध्य भारत, दक्षिण भारत और उत्तर-पश्चिम भारत में सामान्य से कम बारिश होने की आशंका है। कृषि के लिए अहम माने जाने वाले मॉनसून कोर जोन (MCZ) में भी सामान्य से कम वर्षा का अनुमान है।

जून में भारत के ज़्यादातर हिस्सों में ज़्यादा से ज़्यादा तापमान नॉर्मल से ज़्यादा रहने की संभावना है। साउथ-वेस्ट मॉनसून 16 मई को अंडमान और निकोबार आइलैंड्स के कुछ हिस्सों में घुसा था। जो कि 28 मई तक, यह साउथ अरब सागर, लक्षद्वीप इलाके और साउथ बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों को कवर कर चुका था। इसने ईस्ट-सेंट्रल बंगाल की खाड़ी, पूरे अंडमान और निकोबार आइलैंड्स और अंडमान सागर को भी कवर कर लिया था।

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