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Japan Bans Indian Mangoes: जापान ने भारतीय आमों पर फिर से लगाया बैन, जानिए कैसे एक इंस्पेक्शन ने 20 साल के ट्रेड को रोका

Japan Bans Indian Mangoes: जापान ने मार्च में भारत की आम ट्रीटमेंट सुविधाओं की जांच की और पाया कि उनमें कमी है। नतीजा यह रहा कि भारतीय आम के इंपोर्ट पर पूरी तरह रोक लगा दी गई, जो 2006 में 20 साल का बैन हटाए जाने के बाद पहली बार हुआ।

Edited By: Sujata Yadavअपडेटेड May 28, 2026 पर 2:49 PM
Japan Bans Indian Mangoes: जापान ने भारतीय आमों पर फिर से लगाया बैन, जानिए कैसे एक इंस्पेक्शन ने 20 साल के ट्रेड को रोका
25 मार्च, 2026 को या उसके बाद भारत से जारी सर्टिफिकेट वाले आम के शिपमेंट स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

Japan Bans Indian Mangoes: दुनिया भारत के आमों की दीवानी है। हर साल देश 24 मिलियन मीट्रिक टन फल पैदा करता है, जिसमें से लगभग 32,000 मीट्रिक टन एक्सपोर्ट किया जाता है, और बाकी देश में ही इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन जब दुनिया भारतीय आमों के लिए अपना प्यार दिखा रही है, जापान ने फल का इंपोर्ट रोक दिया है। जिससे आम एक्सपोर्ट करने वालों के बिजनेस को नुकसान हो रहा है, जो पहले से ही वेस्ट एशिया संघर्ष के कारण खराब बिजनेस से जूझ रहे हैं।

बता दें कि  जापान से भारत के एक्सपोर्ट का दो दशकों का है। भारत ने 2006 में जापान को आम का एक्सपोर्ट फिर से शुरू किया। उसके बाद लगभग 20 साल तक ट्रेड कॉरिडोर बना रहा लेकिन  इस सीज़न में अब इसे फिर से रोक दिया गया है।

दरअसल जापानी क्वारंटाइन इंस्पेक्टरों को मार्च में इंस्पेक्शन के दौरान भारतीय ट्रीटमेंट फैसिलिटीज़ में फ्यूमिगेशन और डिसइंफ़ेक्शन के तरीकों में कमियां मिली थीं। यहीं कारण है कि केसर, अल्फांसो, लंगड़ा और बंगनापल्ली जैसी आम की किस्में जापानी बाजारों में नहीं मिलेंगी। यह रोक अप्रैल से जून तक के पीक एक्सपोर्ट विंडो पर लागू है।

नोटिफिकेशन में क्या कहा गया

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