Petrol-Diesel Prices: ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 23 मई को एक बार फिर पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाईं। मध्यपूर्व में टेंशन की वजह से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद है, जिससे क्रूड ऑयल की कीमतें आसमान में पहुंच गई हैं। इससे ऑयल मार्केटिंग कंपनियां पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ रही हैं।
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें बहुत कम बढ़ी हैं
ग्लोबलपेट्रोलप्राइसेज डॉट कॉम के डेटा और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की फ्यूल की नई कीमतों के एनालिसिस से पता चलता है कि क्रूड की कीमतों में उछाल के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें काफी कम बढ़ी हैं। सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने करीब ढाई महीनों तक कीमतें पढ़ाने से किया परहेज।
कुछ देशों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें 80% तक बढ़ीं
23 फरवरी से 23 मई के बीच दुनिया के कई देशों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ा इजाफा हुआ है। कुछ देशों में तो फ्यूल की कीमतें 80 फीसदी तक बढ़ी हैं। इसके मुकाबले इंडिया में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 5 फीसदी इजाफा हुआ है। इसका मतलब है कि मई में तीन बार बढ़ने के बाजवूद कीमतों में ज्यादा इजाफा नहीं हुआ है।
भारत में 10 दिन में तीन बार बढ़ी कीमतें
भारत में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 23 मई को पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाईं। इससे दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 87 पैसे बढ़कर 99.51 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई, जबकि डीजल का भाव 91 पैसे बढ़कर 92.49 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। भारत में 10 दिन के अंदर तीन बार कीमतें बढ़ी हैं। पहली बार कीमतें 15 मई को बढ़ी थीं। दूसरी बार 19 मई को बढ़ी और आखिरी बार 23 मई को बढ़ी हैं। यह ध्यान रखना जरूरी है कि क्रूड की कीमतें मार्च की शुरुआत से ही काफी ऊपर चल रही हैं।
म्यांमार ने बढ़ाई है सबसे ज्यादा कीमतें
अमेरिका-ईरान की लड़ाई शुरू होने के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतें सबसे ज्यादा म्यांमार में बढ़ी हैं। दूसरे नंबर पर मलेशिया है। उसके बाद पाकिस्तान ने सबसे ज्यादा कीमतें बढ़ाई हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि दुनिया के कई देशों ने क्रूड की कीमतों में आए उछाल के बाद फ्यूल की कीमतों में बड़ा इजाफा किया है।
भारत में ऑयल कंपनियों को हो रहा था रोजाना 1000 करोड़ लॉस
भारत ने क्रूड में उछाल बावजूद करीब ढ़ाई महीनों तक पेट्रोल और डीजल की कीमतें नहीं बढ़ाई। क्रूड में उछाल से 15 मई से पहले सरकारी ऑयल मार्केटिंक कंपनियों को रोजाना करीब 1000 डॉलर का नुकसान हो रहा था। तीन बार कीमतें बढ़ाने के बाद इस लॉस के काफी कम हो जाने की उम्मीद है।