ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 23 मई को पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाईं। बीत 10 दिनों में यह फ्यूल की कीमतों में तीसरी बढ़ोतरी है। हालांकि, पेट्रोल की कीमत 23 मई को दिल्ली में 87 पैसे बढ़ी, जबकि डीजल की 91 पैसे बढ़ी। अगर तीन बार हुई बढ़ोतरी को जोड़ दिया जाए तो पेट्रोल और डीजल की कीमतें करीब 5 फीसदी बढ़ी हैं।
10 दिन के अंदर तीसरी बार बढ़ी कीमतें
भारत में 10 दिन के अंदर तीन बार कीमतें बढ़ी हैं। पहली बार कीमतें 15 मई को बढ़ी थीं। दूसरी बार 19 मई को बढ़ी और आखिरी बार 23 मई को बढ़ी हैं। यह ध्यान रखना जरूरी है कि क्रूड की कीमतें मार्च की शुरुआत से ही काफी ऊपर चल रही हैं। लेकिन, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने मई में कीमतें बढ़ाई हैं। सबसे ज्यादा करीब 3 रुपये की वृद्धि 15 मई को हुई थी।
इस शहर में पेट्रोल 112.81 रुपये प्रति लीटर
सवाल है कि तीन बार की वृद्धि के बाद देश में सबसे महंगा पेट्रोल कहां बिक रहा? मेट्रो शहरों की बात की जाए तो पेट्रोल सबसे महंगा हैदराबाद में है। चढ़ीगढ़ में पेट्रोल और डीजल सबसे सस्ते हैं। हैदराबाद में पेट्रोल का भाव 112.81 रुपये प्रति लीटर है। इसके बाद तिरुवनंतपुरम में पेट्रोल 112.64 रुपये प्रति लीटर है। कोलकाता और पटना में भी पेट्रोल का भाव 110 रुपये प्रति लीटर से ऊपर है।
चंडीगढ़ में पेट्रोल सबसे सस्ता
दूसरी तरफ चंडीगढ़ में पेट्रोल का भाव 98.97 रुपये प्रति लीटर है। लखनऊ में पेट्रोल का भाव 99.26 रुपये प्रति लीटर है। दिल्ली में भाव 99.51 रुपये प्रति लीटर है। अगर डीजल की बात की जाए तो हैदराबाद में यह सबसे महंगा है। वहां इसका भाव 100.94 रुपये प्रति लीटर है। दूसरे नंबर पर तिरुवनंतपुरम है, जहां इसका भाव 101.55 रुपये प्रति लीटर है। भुवनेश्वर और कोलकाता में इसका भाव करीब 98 रुपये प्रति लीटर है। चंडीगढ़ में डीजल सबसे सस्ता 86.94 रुपये प्रति लीटर है। दिल्ली में यह 92.49 रुपये प्रति लीटर है।
भारत में ज्यादा नहीं बढ़ी हैं कीमतें
एक्सपर्ट्स का कहना है कि मध्यपूर्व में लड़ाई शुरू होने के बाद से भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में सबसे कम इजाफा हुआ है। इसका मतलब है कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने महंगे क्रूड का ज्यादा बोझ अब तक आम लोगों पर नहीं डाला है। 15 मई को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में चार साल बाद हुई बढ़ोतरी से पहले ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को रोजाना 1,000 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा था।