इक्विटी बाजार की तरह ही क्रूड ऑयल के भाव में भी सोमवार को भारी गिरावट देखने को मिली। दुनिया के सबसे बड़े ऑयल इम्पोर्टरों में से एक चीन में लॉकडाउन की वजह से क्रूड की मांग को लेकर दबाव बनाया है। इसके चलते ब्रेंट क्रूड 4.47 डॉलर यानी करीब 4 फीसदी टूटकर 107.90 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया। वहीं WTI क्रूड 4.67 डॉलर यानी 4.3 फीसदी की गिरावट के साथ 105.10 के आसपास आ गया।
इस साल अब तक इन दोनों कॉन्ट्रैक्ट्स में 35 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है। ग्लोबल फाइनेंशिल मार्केट पर इस समय ब्याज दरों में हो रही बढ़ोतरी और मंदी आने की चिंता हावी नजर आ रही है। अप्रैल महीने में चीन में कोविड-19 की वजह से लागू लॉकडाउन के कारण दुनिया की इस दूसरे नंबर की इकोनॉमी में एक्सपोर्ट की दर धीमी पड़ती नजर आ रही है।
ह्यूस्टन (Houston) स्थिति लिपो ऑयल एसोसिएट (Lipow Oil Associated) के एंड्रू लिपो (Andrew Lipow) का कहना है कि चीन में कोविड के कारण लागू लॉकडाउन ऑयल मार्केट पर निगेटिव असर डाल रहा है। इक्विटी मार्केट के साथ ही क्रूड ऑयल भी बिकवाली का शिकार हो रहा है। बता दें कि साल 2022 के शुरुआती 4 महीनों में चीन के क्रूड ऑयल इंपोर्ट में सालाना आधार पर 4.8 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। लेकिन अप्रैल महीने में चीन के क्रूड ऑयल इंपोर्ट में करीब 7 फीसदी की बढ़ोतरी मिली थी।
इस बीच यूरोपियन कमीशन ने रूस से होने वाले ऑल इंपोर्ट पर अलग-अलग चरणों में प्रतिबंध लागने का प्रस्ताव रखा है। इसके चलते ब्रेंट और WTI में लगातार दूसरे हफ्ते बढ़ोतरी देखने को मिली है। हालांकि इस प्रस्ताव पर यूरोपीय यूनियन के सदस्यों की सर्वसम्मति आवश्यक है। यह प्रस्ताव इसी हफ्ते मंजूरी के लिए पेश किया जाने वाला है।
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