Oil Prices : कच्चे तेल की कीमतों में गुरुवार को कमजोरी रही। हालांकि, शंघाई के कुछ हिस्सों में फिर से कोविड-19 से संबंधित लॉकडाउन लगने और ग्लोबल डिमांड बढ़ने के संकेतों से यह तीन महीने के हाई के नजदीक बना हुआ है। तेल को रिफाइंड पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की कीमतों में बड़ी तेजी के चलते भी सपोर्ट मिल रहा है।
अगस्त के लिए, ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स (Brent crude futures) 51 सेंट कमजोर होकर 123.07 डॉलर प्रति डॉलर पर आ गया, वहीं जुलाई के लिए यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 60 सेंट कमजोर होकर 121.51 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर है। रिफाइनिंग सप्लाई की तंगी और डिमांड में बढ़ोतरी से रिफाइंड प्रोडक्ट्स की कीमतों में बड़ी तेजी के चलते पिछले दो महीने से तेल की कीमतों लगातार बढ़ रही हैं।
अमेरिका में गैसोलिन की डिमांड बढ़ने की आशंका
दुनिया भर में रिफाइनर्स ने अपनी इकाइयां बंद कर दी हैं और साथ ही यूक्रेन पर हमले के बाद क्रूड और फ्यूल के दुनिया में सबसे बड़े एक्सपोर्टर रूस में गतिविधियां घट गई है। अमेरिका में गर्मियों से जुड़ी गैसोलिन की डिमांड से क्रूड की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।
कीमतें साल भर ऊंची रहने के संकेत
अमेरिका और अन्य देश स्ट्रैटजिक रिजर्व्स से तेल निकाल रहे हैं, लेकिन ग्लोबल क्रूड उत्पादन में धीमी बढ़ोतरी के चलते इसका सीमित असर दिख रहा है।
ह्यूस्टन में लिपो ऑयल एसोसिएट्स के प्रेसिडेंट Andrew Lipow ने कहा, मुझे लगता है कि तेल की कीमतों में साल भर ऊंची बनी रहेंगी। अगर, बाजार में तेल की सप्लाई बढ़ेगी तभी कुछ राहत मिलेगी।
गैसोलिन कंपनियों के शेयरों में गिरावट
पिछले हफ्ते अमेरिका में गैसोलिन कंपनियों के शेयर में गिरावट रही। सरकारी आंकड़ों से ऊंची कीमतों के बावजूद डिमांड में तेजी आने के संकेत मिल रहे हैं। अमेरिका में चार हफ्ते की डिमांड लगभग 90 लाख बैरल प्रति दिन रही, जो 2021 की इस अवधि की तुलना में सिर्फ 1 फीसदी कम है।
स्टोनएक्स फाइनेंशियल के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट थॉमस साल ने कहा, भले ही कीमतें ज्यादा हैं लेकिन डिमांड में कोई गिरावट की उम्मीद नहीं है। इन दिनों लोग खूब गाड़ियां चला रहे हैं।
मई में चीन का एक्सपोर्ट्स में एक साल पहले की तुलना में 16.9 फीसदी की बढ़ोतरी रही। दरअसल, कोविड बंदिशों में छूट से फैक्ट्रियां खुलने लगी हैं। यह इस साल जनवरी के बाद सबसे तेज ग्रोथ रही है।