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Russia-Ukraine Conflict: प्रतिबंधों का रूस की ऑयल इंडस्ट्री पर कितना असर पड़ेगा?

अभी दुनिया में तेल का सबसे ज्यादा उत्पादन अमेरिका करता है। दूसरे नंबर पर रूस है। सऊदी अरब तीसरे पायदान पर है। रूस के साथ खास बात यह है कि यह सबसे ज्यादा एक्सपोर्ट यूरोपीय देशों को करता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 02, 2022 पर 6:42 PM
Russia-Ukraine Conflict: प्रतिबंधों का रूस की ऑयल इंडस्ट्री पर कितना असर पड़ेगा?
रूस से ऑयल खरीदने वाला दूसरा बड़ा देश चीन है। वह रोजाना रूस से 16 लाख बैरल क्रूड ऑयल खरीदता है।

यूक्रेन संकट (Ukraine Conflict) का सबसे ज्यादा असर पेट्रोलियम की सप्लाई पर पड़ने का अनुमान है। इसकी वजह यह है कि रूस दुनिया के बड़े तेल उत्पादक देशों में शामिल है। यह रोजाना करीब 1.1 करोड़ बैरल क्रूड आयल का उत्पादन करता है। हालांकि, यह इसका आधा हिस्सा खुद इस्तेमाल करता है। यह रोजाना करीब 50 से 60 लाख बैरल एक्सपोर्ट करता है।

अभी दुनिया में तेल का सबसे ज्यादा उत्पादन अमेरिका करता है। दूसरे नंबर पर रूस है। सऊदी अरब तीसरे पायदान पर है। रूस के साथ खास बात यह है कि यह सबसे ज्यादा एक्सपोर्ट यूरोपीय देशों को करता है। कुल एक्सपोर्ट का करीब आधा हिस्सा यानी 25 लाख बैरल वह रोजाना यूरोप को एक्सपोर्ट करता है। इनमें जर्मनी, इटली, नीदरलैंड्स, पोलैंड, फिनलैंज, ग्रीस आदि शामिल हैं।

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यूरोप को रूस के एक्सपोर्ट का करीब एक-तिहाई हिस्सा दुरुजबा पाइपलाइन के जरिए होता है, जो बेलारूस से होकर जाती है। रूस पर बढ़ते प्रतिबंध को देखते हुए रोजाना 7,00,000 बैरल की इस सप्लाई को निशाना बनाया जा सकता है। इस सप्लाई के पेमेंट पर रोक लगाई जा सकती है या बेलारूस की सीमा पर इसकी सप्लाई पर रोक लगाई जा सकती है।

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