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Russia-Ukraine Conflict: अमेरिका ने रूस के ऑयल पर बैन लगाया तो क्या होगा?

एक्सपर्ट्स का कहना है कि रूस के ऑयल पर बैन लगने के गंभीर परिणाम होंगे। इसकी वजह यह है कि पेट्रोलियम की ग्लोबल सप्लाई में रूस की बड़ी हिस्सेदारी है। यह रोजाना करीब 70 लाख बैरल क्रूड एक्सपोर्ट करता है। यह कुल ग्लोबल सप्लाई का करीब 7 फीसदी है

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 08, 2022 पर 6:16 PM
Russia-Ukraine Conflict: अमेरिका ने रूस के ऑयल पर बैन लगाया तो क्या होगा?
जेपी मॉर्गन ने कहा है कि बैन लगने पर क्रूड का प्राइस इस साल के अंत तक 185 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकता है। पहले ही कुछ देशों के रूस से ऑयल का इंपोर्ट बंद कर देने से इसकी कीमतें काफी बढ़ चुकी हैं।

अमेरिका और पश्चिमी देशों ने रूस (Economic Ban of Russia) पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए हैं। उन्होंने यूक्रेन पर रूस के हमले के जवाब में ऐसा किया है। इससे क्रू़ड ऑयल (Crude Oil) के प्राइस तेजी से बढ़े हैं। सोमवार को क्रूड का भाव कुछ समय के लिए 139 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था।

2008 के बाद से पहली बार क्रूड का भाव इस स्तर पर पहुंचा है। अमेरिका और उसके सहयोगी देशों ने अभी रूस के ऑयल पर बैन नहीं लगाया गया है। सवाल है कि अगर रूस के ऑयल पर बैन लगता है तो क्या होगा?

एक्सपर्ट्स का कहना है कि रूस के ऑयल पर बैन लगने के गंभीर परिणाम होंगे। इसकी वजह यह है कि पेट्रोलियम की ग्लोबल सप्लाई में रूस की बड़ी हिस्सेदारी है। यह रोजाना करीब 70 लाख बैरल क्रूड एक्सपोर्ट करता है। यह कुल ग्लोबल सप्लाई का करीब 7 फीसदी है। इसलिए बैन लगने पर पहले से उबल रहे क्रूड में आग लग जाएगी। इसकी कीमतें बहुत ज्यादा बढ़ सकती हैं।

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