गोल्ड के रिकॉर्ड इंपोर्ट की हो रही जांच, कैसे गड़बड़ाया ये गणित, जानिए क्या है पूरा मामला?

सब्यसाची रे ने कहा सरकार के सामने हमने भी अपनी बात रखी है। जब मांग ही नहीं बढ़ी तो इंपोर्ट कैसे बढ़ सकता है। मांग के आधार पर ही सोने का इंपोर्ट होता है। उन्होंने कहा कि सोने की मांग में बढ़ोतरी नहीं हुई है

अपडेटेड Dec 19, 2024 पर 3:08 PM
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चिराग सेठ का कहना है कि नए सॉफ्टवेयर की वजह से आंकड़े बढ़ सकते है। दो बाार काउंटिंग होने के कारण आंकड़े बढ़े हो सकते है।

इस बार के एक्सपोर्ट इंपोर्ट के आंकड़ों में एक अजीब सा मामला सामने आया है। एक तो नवंबर में सोने का रिकॉर्ड इंपोर्ट हुआ। दूसरा ये कि सोने के इंपोर्ट में सरकार और इंडस्ट्री के डाटा में 40 टन का अंतर है। अब इसकी जांच सरकार कर रही है। सीएनबीसी-आवाज को सूत्रों के हवाले से मिली खबर के मुताबिक गोल्ड इंपोर्ट के रिकॉर्ड इंपोर्ट की सरकार जांच कर रही है। 16 दिसंबर को सरकार ने आंकड़े जारी किए थे जिसमें नवंबर में रिकॉर्ड $14.80 बिलियन के इंपोर्ट की बात की गई थी।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कॉमर्स मिनिस्ट्री, यानी सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्स एंड कस्टम (CBIC), डायरेक्टरेट जनरल ऑफ कॉमर्शियल इंटेलिजेंस एंड स्टैट्स (DGCIS)आंकड़ों की जांच कर रहे हैं। इंपोर्ट बढ़ने से देश के ट्रेड डेफिसिट में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई। जुलाई में इंपोर्ट ड्यूटी 15% से घटकर 6% हुई थी।

गोल्ड इंपोर्ट के आंकडों पर नजर डालें तो 1 महीने में गोल्ड इंपोर्ट 27 फीसदी बढ़ा है जबकि 8 महीने में इसमें 25 फीसदी का उछाल देखने को मिला है। वहीं 1 साल में इसमें 331 फीसदी की रिकॉर्ड तेजी आई है। गोल्ड का रिकॉर्ड इंपोर्ट हुआ। अक्टूबर 2024 में $7.13 बिलियन का सोना इंपोर्ट हुआ था जबकि नवंबर 2024 में $14.80 बिलियन का सोना इंपोर्ट हुआ।


क्या है एक्सपर्ट्स की राय

GJEPC के ईडी सब्यसाची रे का कहना है कि नवंबर में अचानक सोने का इंपोर्ट बढ़ा है। बीते 9 महीनों का इंपोर्ट 10 सालों के औसत से कम है । 9 महीनों में 640 टन सोने का इंपोर्ट हुआ है।

उन्होंने आगे कहा कि सरकार के सामने हमने भी अपनी बात रखी है। जब मांग ही नहीं बढ़ी तो इंपोर्ट कैसे बढ़ सकता है। मांग के आधार पर ही सोने का इंपोर्ट होता है। उन्होंने कहा कि सोने की मांग में बढ़ोतरी नहीं हुई है। हालांकि सोने के दाम कम होने से इंपोर्ट थोड़ा बढ़ सकता है।

मेटल्स फोकस का चिराग सेठ का कहना है कि नए सॉफ्टवेयर की वजह से आंकड़े बढ़ सकते है। दो बाार काउंटिंग होने के कारण आंकड़े बढ़े हो सकते है। उन्होंने आगे कहा कि गोल्ड के दाम गिरने से सोने का इंपोर्ट बढ़ा है। सितंबर और अक्टूबर में आंकड़ें गड़बड़ रहे थे। सितंबर और अक्टूबर में आंकडे कम थे तो ज्यादा फर्क नहीं पड़ा है। कई देशों में आंकड़ों में कई बार गड़बड़ हो जाती है।

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