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दो साल के निचले स्तर पर रबड़ की कीमतें, उत्पादन गिरने के बावजूद भाव में रिकवरी के आसार नहीं

कोरोना महामारी से उबरने के बाद टायर इंडस्ट्री की तरफ से रबड़ की मांग बढ़ी जिससे इसके भाव मजबूत हुए। हालांकि एक बार फिर कमजोर मांग और अधिक आवक के चलते भारतीय नेचुरल रबड़ की कीमतें दो साल के निचले स्तर पर पहुंच गई। टायर इंडस्ट्री आरएसएस-4 वैरायटी का रबड़ इस्तेमाल करती है और इसके भाव अभी 137.5 रुपये प्रति किग्रा हैं

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Dec 24, 2022 पर 2:34 PM
दो साल के निचले स्तर पर रबड़ की कीमतें, उत्पादन गिरने के बावजूद भाव में रिकवरी के आसार नहीं
देश में पिछले साल रबड़ की खपत में 13 फीसदी का इजाफा हुआ था जबकि उत्पादन महज 8 फीसदी बढ़ा था।

कोरोना महामारी से उबरने के बाद टायर इंडस्ट्री की तरफ से रबड़ की मांग बढ़ी जिससे इसके भाव मजबूत हुए। हालांकि एक बार फिर कमजोर मांग और अधिक आवक के चलते भारतीय नेचुरल रबड़ की कीमतें दो साल के निचले स्तर पर पहुंच गई। टायर इंडस्ट्री आरएसएस-4 वैरायटी का रबड़ इस्तेमाल करती है और इसके भाव अभी 137.5 रुपये प्रति किग्रा हैं। पिछले दो महीने में यह करीब 8 फीसदी सस्ता हुआ है। रबड़ के भाव पर चीन में कोरोना महामारी के उफान ने भी निगेटिव असर डाला है। इसके अलावा विदेशी बाजारो में चुनौतीपूर्ण स्थितियों ने भी रबड़ के भाव को नीचे लाया है।

इससे पहले टायर इंडस्ट्री ने अनुमान लगाया था कि चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही अक्टूबर-दिसंबर 2022 में मांग बढ़ेगी लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। गाड़ियों की बिक्री में तेज उछाल नहीं दिख रही है और अब कोरोना के चलते भी कारोबार को झटका लग रहा है।

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