Silver hits all-time high: सिल्वर हुआ ब्रेक-फ्री, एमसीएक्स पर रिकॉर्ड ऊंचाई पर भाव, अब क्या करें निवेशक
Silver hits all-time high: राजकुमार सुब्रमण्यम ने कहा कि चांदी भारतीय इन्वेस्टर्स के लिए एक स्ट्रेटेजिक डाइवर्सिफायर के तौर पर तेज़ी से उभर रही है। उन्होंने कहा कि चांदी में सोने के मुकाबले ज़्यादा उतार-चढ़ाव होता है, लेकिन यह कमोडिटी अपसाइकल के दौरान काफी ज़्यादा बढ़त भी देती है, जो बढ़ती इंडस्ट्रियल डिमांड और बढ़ते रिटेल पार्टिसिपेशन की वजह से है
17 दिसंबर को चांदी की कीमतें MCX पर 4 फीसदी से ज़्यादा बढ़कर अब तक के सबसे ऊंचे लेवल पर पहुंच गई। चांदी की तेजी ने ब्रेकआउट को और बढ़ाते हुए दुनिया भर का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
Silver hits all-time high: 17 दिसंबर को चांदी की कीमतें MCX पर 4 फीसदी से ज़्यादा बढ़कर अब तक के सबसे ऊंचे लेवल पर पहुंच गई। चांदी की तेजी ने ब्रेकआउट को और बढ़ाते हुए दुनिया भर का ध्यान अपनी ओर खींचा है। यह उछाल US के कमज़ोर लेबर डेटा के बाद आया, जिससे फेडरल रिजर्व द्वारा इंटरेस्ट रेट में कटौती की उम्मीदें फिर से बढ़ गई। साथ ही डॉलर पर दबाव पड़ा और कीमती धातुओं की मांग बढ़ गई।
सुबह करीब 9:20 बजे MCX चांदी 3.38 फीसदी बढ़कर 2,04,445 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई, जो अब तक का सबसे ऊंचा लेवल है। इसके उलट, MCX सोना (फरवरी) 0.21 फीसदी गिरकर 1,34,129 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जिससे दोनों कीमती धातुओं के बीच अंतर का पता चलता है।
इंटरनेशनल मार्केट में कॉमेक्स सिल्वर फ्यूचर्स पहली बार $66 प्रति औंस के लेवल को पार कर गया, जो 4.65% बढ़कर $66.27 प्रति औंस हो गया। एनालिस्ट्स ने इस तेज़ी की वजह US में रोज़गार के कमज़ोर डेटा और इंटरेस्ट रेट में संभावित कटौती की उम्मीद को बताया, जिससे डॉलर और ट्रेजरी यील्ड पर दबाव पड़ा।
जियोपॉलिटिकल टेंशन से सेफ-हेवन डिमांड बढ़ी
जियोपॉलिटिकल रिस्क ने भी इस रैली में भूमिका निभाई। US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला में आने-जाने वाले सभी सैंक्शन्ड ऑयल टैंकरों को ब्लॉक करने का ऑर्डर दिया, जिससे इस इलाके में बढ़ती मिलिट्री एक्टिविटी के बीच प्रेसिडेंट निकोलस मादुरो पर दबाव बढ़ गया। इस बढ़ोतरी से सेफ-हेवन खरीदारी बढ़ी और चांदी की कीमतों में तेज़ी आई।
सिंगापुर के एक करेंसी ट्रेडर ने कहा कि अनएम्प्लॉयमेंट डेटा ने साफ तौर पर कीमती मेटल्स को सपोर्ट किया है और डॉलर को कमजोर किया है, जिससे इन्वेस्टर्स रिस्क से बचने के लिए दूसरे एसेट क्लास ढूंढने लगे हैं। डॉलर इंडेक्स दो महीने के सबसे निचले स्तर के पास रहा, जिससे डॉलर-कीमत वाला बुलियन विदेशी खरीदारों के लिए ज्यादा आकर्षक हो गया।
MCX पर बुलियन बलवान !
1 हफ्ते में चांदी की कीमतों में 4 फीसदी की तेजी आई है जबकि 1 महीने में चांदी 24 फीसदी चढ़ी। वहीं 6 महीने में चांदी ने 78 फीसदी की छलांग लगाई है। वहीं जनवरी 2025 से अब क चांदी ने 124 फीसदी का रिटर्न दिया है। जबकि 1 साल में 117 फीसदी की तेजी आई है।
क्या यह है खरीदारी का सही समय
चांदी की जोरदार तेजी ने इन्वेस्टर्स को इस बात पर बहस करने पर मजबूर कर दिया है कि क्या यह मार्केट में आने का सही समय है। इसपर एनालिस्ट्स की राय बंटी हुई है, हालांकि कई लोग इस बात से सहमत हैं कि चांदी की कीमती और इंडस्ट्रियल मेटल दोनों के तौर पर दोहरी भूमिका इसे मौजूदा मैक्रो माहौल में एक खास बढ़त देती है।
PL वेल्थ में प्रोडक्ट और फैमिली ऑफिस के हेड राजकुमार सुब्रमण्यम ने कहा कि चांदी भारतीय इन्वेस्टर्स के लिए एक स्ट्रेटेजिक डाइवर्सिफायर के तौर पर तेज़ी से उभर रही है। उन्होंने कहा कि चांदी में सोने के मुकाबले ज़्यादा उतार-चढ़ाव होता है, लेकिन यह कमोडिटी अपसाइकल के दौरान काफी ज़्यादा बढ़त भी देती है, जो बढ़ती इंडस्ट्रियल डिमांड और बढ़ते रिटेल पार्टिसिपेशन की वजह से है। उनके मुताबिक, भारत में डिमांड सोलर मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रिक व्हीकल, इलेक्ट्रॉनिक्स और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर से बढ़ रही है।
मेहता इक्विटीज़ में कमोडिटीज़ के वाइस प्रेसिडेंट राहुल कलंत्री ने कहा कि इंटरनेशनल बुलियन मार्केट में उतार-चढ़ाव दिखा, लेकिन घरेलू कीमतों को कमज़ोर रुपये से सपोर्ट मिला। उन्होंने कहा कि आने वाले US इन्फ्लेशन डेटा, जिसमें कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स और पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर प्राइस इंडेक्स शामिल हैं, कीमती मेटल की कीमतों के शॉर्ट-टर्म ट्रैजेक्टरी पर असर डालेंगे।
Anmol Silver के सीईओ किशोर रूनवाल ने कहा कि 1 साल में चांदी ने 127 फीसदी का रिटर्न दिया है और इसमें अभी और तेजी की उम्मीद नजर आ रही है। शॉर्ट टर्म में चांदी की कीमतें 2.25 लाख रुपये प्रतिकिलोग्राम के लेवल दिखा सकता है।
मेटल्स फोकस के सीनियर कंसल्टेंट हर्षल बरोट ने कहा कि चांदी में आई हालिया तेजी को देखते हुए इन्वेस्टर्स को सतर्क रहने की सलाह होगी। अक्टूबर की तुलना में सिल्वर की फिजिकल बाईंग काफी धीमी है। बाजार में लिक्विडिटी काफी कम है। देश में चांदी का बाजार डिस्काउंट में है। फिलहाल निवेशकों को संभलकर निवेश करने की सलाह होगी। उ्होंने आगे कहा कि चांदी को अमेरिका में दरें घटने की उम्मीदों से सपोर्ट मिल रह है हालांकि उनका मानना है कि चांदी की कीमत लंबी अवधि में 70-72 डॉलर तक पहुंच सकती है।
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