Sugar Exports: सरकार ने चीनी के अतिरिक्त एक्सपोर्ट को मंजूरी दे दी है। भारत सरकार ने मौजूदा शुगर सीज़न 2025–26 के दौरान इच्छुक चीनी मिलों को अतिरिक्त 5 LMT चीनी के एक्सपोर्ट की इजाज़त देने का फ़ैसला किया है। इससे पहले, सरकार ने मौजूदा शुगर सीज़न 2025–26 के दौरान 15 LMT चीनी के एक्सपोर्ट की इजाज़त दी थी।
5 LMT की एक्स्ट्रा एक्सपोर्ट क्वांटिटी इच्छुक चीनी मिलों को इस शर्त पर दी जाएगी कि उनकी तय क्वांटिटी का कम से कम 70% 30 जून 2026 तक एक्सपोर्ट हो जाए। 31 जनवरी 2026 तक 1.97 LMT एक्सपोर्ट हुई। अब तक चीनी मिलों ने लगभग 2.72 LMT चीनी एक्सपोर्ट के लिए कॉन्ट्रैक्ट किया है।
बता दें कि एक्सपोर्ट कोटा इच्छुक चीनी मिलों के बीच प्रो-राटा बेसिस पर दिया जाएगा, और मिलों को ऑर्डर जारी होने की तारीख से 15 दिनों के अंदर अपनी इच्छा बतानी होगी। इस तरह से दिया गया एक्सपोर्ट कोटा किसी दूसरी चीनी मिल के साथ स्वैप या एक्सचेंज नहीं किया जाएगा। इस फैसले से चीनी का ज़्यादा एक्सपोर्ट होने और देश में सरप्लस चीनी की उपलब्धता को मैनेज करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
चीनी का एक्सपोर्ट बढ़ना भारत के लिए अच्छा
AISTA के प्रफुल्ल विठलानी ने कहा कि AISTA ने इस फैसले का स्वागत किया है, क्योंकि पहले 15 लाख टन कोटा मिलों के बीच एक्सचेंज हो सकता था, लेकिन नए 5 लाख टन कोटा स्वैप नहीं किया जा सकता। इससे वास्तविक निर्यातक मिलों को लाभ मिलेगा और निष्क्रिय मिलों से प्रीमियम देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। AISTA चेयरमैन प्रफुल विठलानी ने कहा कि यह दो-स्तरीय व्यवस्था निर्यात को सुगम बनाएगी।
उन्होंने आगे कहा कि इंटरनेशनल मार्केट में भारतीय चीनी की क्वालिटी सबसे अच्छी है। चीनी का एक्सपोर्ट बढ़ना भारत के लिए अच्छा रहेगा। 12 फरवरी तक सिर्फ 2.10 लाख टन चीनी का एक्सपोर्ट हुआ।
उन्होंने आगे कहा कि अप्रैल से बाजार में ब्राजील की चीनी आ जाएगी। सरकार से एथेनॉल डायवर्जन बढ़ाने की भी मांग की थी। 15 लाख टन में से सिर्फ 4 लाख टन चीनी का ही एक्सपोर्ट होगा। इस साल चीनी उत्पादन में थोड़ी गिरावट आ सकती है।