Sugar Exports: सरकार ने चीनी मिलों को अतिरिक्त शुगर एक्सपोर्ट को मंजूरी दी है। सरकार ने चीनी मिलों को 87,587 टन शुगर एक्सपोर्ट को मंजूरी मिली। खाद्य मंत्रालय ने सोमवार को जारी एक सर्कुलर में बताया कि, यह फैसला चीनी मिलों की मांग के बाद लिया गया है। इससे पहले सरकार ने इस सीजन के लिए 15 लाख टन चीनी निर्यात की अनुमति दी थी और फरवरी में इच्छुक मिलों को 5 लाख टन का अतिरिक्त कोटा नॉन-स्वैपेबल आधार पर आवंटित किया था। हालांकि, इस अतिरिक्त 5 लाख टन में से केवल 87,587 टन के लिए ही आवेदन प्राप्त हुए और उन्हें मंजूरी दी गई, जबकि बाकी कोटा स्वतः समाप्त हो गया।
मिलों को आवंटित शुगर एक्सपोर्ट 30 जून, 2026 तक करना अनिवार्य है, जो मिलें इस तारीख तक अपने कोटे का कम से कम 70% एक्सपोर्ट कर लेंगी, उन्हें बाकी मात्रा का निर्यात 30 सितंबर, 2026 तक करने की मंजूरी दी जाएगी। अगर कोई मिल 70% की इस न्यूनतम सीमा को पूरा करने में विफल रहती है, तो उसकी अप्रयुक्त मात्रा खत्म हो जाएगी और उस मात्रा को बेहतर प्रदर्शन करने वाली या इच्छुक मिलों को पुनः आवंटित किया जा सकता है। अप्रत्याशित परिस्थितियों के मामलों को छोड़कर, किसी भी अन्य स्थिति में निर्यात की समयसीमा नहीं बढ़ाई जाएगी। इस कोटे को मिलें आपस में एक-दूसरे के साथ बदल नहीं सकती हैं.
जो मिलें अनिवार्य 70 फीसदी चीनी का निर्यात करने में विफल रहेंगी, उनके भविष्य के निर्यात कोटे में से उतनी मात्रा की कटौती कर ली जाएगी, जितनी मात्रा से वे इस न्यूनतम सीमा को पूरा करने में पीछे रह गई हैं।
NFCSF के प्रकाश नाइकनावरे का कहना है कि एल नीनो के आने की काफी संभावना है। जून में बारिश होगी लेकिन उसके बाद कम बारिश होगी। एल नीनो के कारण गन्ने की बुआई कम हो सकती है। उन्होंने आगे कहा कि 15 मिलों ने सरकार से अतिरिक्त कोटे की मांग की थी। जिसमें महाराष्ट्र, कर्नाटक, उत्तरप्रदेश शामिल है। सरकार ने इससे पहले भी समय पर एक्सपोर्ट की मंजूरी दी थी।
एक्सपोर्ट पर बात करते हुए उन्होने आगे कहा कि ब्राजील के कारण जनवरी - मार्च में एक्सपोर्ट कम रहा है। अमेरिका- ईरान से चीनी के बाजार को सपोर्ट मिला है