Sugar Production:उत्तर प्रदेश में चीनी का उत्पादन गिर रहा है। कम पेराई से उत्पादन में गिरावट आई है। वहीं 31 जनवरी तक कुछ मिलों ने उत्पादन भी बंद कर दिया है। बता दें कि जनवरी महीने में चीनी उत्पादन में इस सीजन की पहली गिरावट दर्ज की गई है।
Sugar Production:उत्तर प्रदेश में चीनी का उत्पादन गिर रहा है। कम पेराई से उत्पादन में गिरावट आई है। वहीं 31 जनवरी तक कुछ मिलों ने उत्पादन भी बंद कर दिया है। बता दें कि जनवरी महीने में चीनी उत्पादन में इस सीजन की पहली गिरावट दर्ज की गई है।
जनवरी में उत्तर प्रदेश में चीनी उत्पादन घटकर 19.45 लाख टन रह गया, जबकि पिछले साल इसी महीने यह 20.10 लाख टन था। अक्टूबर से जनवरी के बीच कुल उत्पादन 55.10 लाख टन रहा, जो बीते साल की तुलना में थोड़ा ज्यादा है, लेकिन अब आगे के महीनों को लेकर चिंता बढ़ गई है।
उत्तर प्रदेश में चीनी के उत्पादन में आई गिरावट की मुख्य वजह गन्ने की उपलब्धता कम होना और खेतों में पैदावार का गिरना बताया जा रहा है। पैदावर कम होने से गन्ने की सप्लाई घटी है। कम बारिश से गन्ने की पैदावार घटी है। राज्य में 31 जनवरी तक 118 मिलों में पेराई हुई।
बता दें कि इंडस्ट्रीज से जुड़े एक सर्वे के अनुसार, उत्तर प्रदेश की 52 चीनी मिलों में से करीब 67 फीसदी मिलें सी-हेवी रूट से चीनी उत्पादन कर रही हैं, जबकि 33 फीसदी बी-हेवी रूट अपना रही हैं। सी-हेवी प्रक्रिया में चीनी रिकवरी ज्यादा होती है, क्योंकि इसमें मोलासिस में सुक्रोज की मात्रा बेहद कम रह जाती है।
देशभर की बात करें तो भारतीय शुगर और बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के इस साल के लिए चीनी के उत्पादन अनुमान के अनुसार, 2025-26 सीजन में देश में कुल चीनी उत्पादन 343.5 लाख टन रहने का अनुमान है, जो पिछले सीजन से कम है। जिसमें एथेनॉल डायवर्जन 34.00 लाख टन रहने का अनुमान है जबकि खपत के लिए309.50 लाख टन रहने की संभावना जताई गई है।
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