Wheat Price Today: इंटरनेशनल मार्केट में गेहूं के भाव 2 हफ्तों के निचले स्तरों पर पहुंच गए हैं। इंटरनेशनल मार्केट में गेहूं के दाम गिरे है। भारत में भी कुछ मंडियों में भाव 2 हफ्तों के निचले स्तर पर आ सकते हैं, जो वैश्विक आपूर्ति में वृद्धि और सुस्त मांग का संकेत है। 510 डॉलर प्रति बुशेल के नीचे फिसले भाव पहुंचा है। करीब 2 महीनों के ऊपर से गिरावट आई।
बाजार में सप्लाई बढ़ने से गेहूं के दाम गिरे है। ऑस्ट्रेलिया में भी अच्छी फसल की उम्मीद है। अर्जेंटीना के फैसले से भी कीमतों में दबाव देखने को मिला। अर्जेंटीना ने एग्री एक्सपोर्ट टैक्स हटाया। 31 अक्टूबर 2025 तक के लिए हटाया। अर्जेंटीना में भी गेहूं की बंपर फसल हुई। इंटरनेशनल बाजारों में गेहूं की मांग कमजोर है, जो कीमतों पर दबाव डाल रही है।
इंटरनेशनल मार्केट में गेहूं की कीमतों पर नजर डालें तो 1 हफ्ते में गेहूं में 4 फीसदी की बढ़त देखने को मिली जबकि 1 महीने में इसमें 1 फीसदी की तेजी आई। जनवरी 2025 से अब तक गेहूं की कीमतें 8 फीसदी गिरी ह। जबकि 1 साल में इसमें 12 फीसदी की गिरावट नजर आई है।
गेहूं की कीमतें आगे स्थिर रहनी की उम्मीद
WPPS के चेयरमैन अजय गोयल ने कहा कि विदेशी बाजारों में डिमांड कम है वहीं आस्ट्रेलिया में फसल काफी अच्छा है। अर्जेटीना ने अपने डॉलर रिजर्व को मजबूत करने के लिए एग्री एक्सपोर्ट से ड्यूटी घटा दी है। जिसके कारण बाजार में मंदी का माहौल छाया हुआ है।
वहीं घरेलू बाजार पर कैसी डिमांड रहेगी ? इस पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि जीएसटी की दरों में कटौती के बाद बिस्किट इंडस्ट्रीज ने 5-10 दिनों से अपने प्रोडक्शन को बंद कर दिया था ताकि वह जीएसटी रेट कट का फायदा ले सकें। जिसके चलते डिमांड थोड़ी सुस्त रही थी लेकिन अब एक बार फिर से डिमांड बढ़ती नजर आएगी। अजय गोयल ने कहा कि घरेलू बाजार में गेहूं की कीमतें आगे स्थिर रहनी की उम्मीद है।