दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को सुपरटेक को एक होमबायर के एकाउंट में एक सप्ताह के अंदर 1.79 करोड़ रुपये की बकाया रकम में से 50 लाख रुपये जमा करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही कोर्ट ने नेशनल कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन (NCDRC) के उस आदेश पर 4 अक्टूबर तक रोक लगा दी जिसमें सुपरटेक के मैनेजिंग डायरेक्टर मोहित अरोड़ा को तीन वर्ष की कैद की सजा सुनाई गई थी।
NCDRC ने 20 सितंबर को अरोड़ा के खिलाफ गिरफ्तारी का वॉरंट भी जारी किया था। यह एक होमबायर की ओर से दायर किए गए मामले में आदेश का पालन नहीं करने की वजह से हुआ था। होमबायर कंवल बत्रा ने बिल्डर के ग्रेटर नोएडा प्रोजेक्ट में एक विला खरीदा था।
जस्टिस अमित बंसल ने कोर्ट के सामने अपनी प्रतिबद्धता को दिखाने के लिए होमबायर के एकाउंट में एक सप्ताह के अंदर 50 लाख रुपये जमा करने का निर्देश दिया।
बत्रा ने मनीकंट्रोल को यह पुष्टि की है कि हाई कोर्ट ने बिल्डर को अगले गुरुवार तक उनके एकाउंट में 50 लाख रुपये जमा करने को कहा है।
इसका बत्रा के वकील ने विरोध करते हुए कहा कि कंपनी ने NCDRC के ऑर्डर का इससे पहले भी पालन नहीं किया था और वह अपने हलफनामे से भी पलट गई है।
सुपरटेक ने NCDRC के ऑर्डर के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील की थी।
कंपनी को पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा था जब कोर्ट ने नोएडा में उसके एक 40 मंजिला प्रोजेक्ट को गिराने का ऑर्डर दिया था।