Zee Entertainment के ऑर्डिनरी शेयरहोल्डर्स शायद काफी नाराज होंगे। कंपनी में कई बड़े डिवेलपमेंट हो चुके हैं। इनमें एक मर्जर ऑफर लगभग फाइनल होना, दूसरे पर आगे बढ़ना, डायरेक्टर्स का बोर्ड से इस्तीफा देना, सबसे बड़े शेयरहोल्डर की CEO को हटाने की मांग शामिल हैं।
इस दौरान ऑर्डिनरी शेयरहोल्डर्स से कोई विचार विमर्श नहीं किया गया और न ही उन्हें वोटिंग की अनुमति दी गई।
इससे यह संकेत मिल रहा है कि कंपनी इन शेयरहोल्डर्स को बड़े डिवेलपमेंट्स के बारे में जानकारी देने में ज्यादा दिलचस्पी नहीं रखती।
Zee के स्टॉक एक्सचेंज को 12 अक्टूबर को दिए गए डिस्क्लोजर से पता चला है कि कंपनी को एक बड़े बिजनेस ग्रुप से मर्जर के लिए संभावित ऑफर मिला था। यह ऑफर फरवरी में दिया गया था और कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर पुनीत गोयनका ने इसे खुद ही अस्वीकार कर दिया। इस बारे में बोर्ड को जानकारी नहीं दी गई थी।
कंपनी ने हाल ही में सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स के साथ मर्जर डील की थी। इस बारे में में भी बोर्ड को पहले नहीं बताया गया था। अन्य शेयरहोल्डर्स को तो इसका पता डील की जानकारी सामने आने पर ही चला था।
इसके अलावा भी कंपनी में कुछ बड़े फैसले ऑर्डिनरी शेयरहोल्डर्स को बिना जानकारी दिए लिए गए हैं।