बड़े सरकारी बैंकों में शामिल केनरा बैंक का सितंबर में समाप्त हुई तिमाही में नेट प्रॉफिट बढ़कर लगभग 1,333 करोड़ रुपये रहा। बैंक को बैड लोन के लिए प्रोविजनिंग कम होने से मदद मिली है। इसके साथ ही केनरा बैंक की नॉन-इंटरेस्ट इनकम और DHFL के रिजॉल्यूशन से रिकवरी बढ़ी है। पिछले वर्ष की इसी अवधि में केनरा बैंक का प्रॉफिट लगभग 444 करोड़ रुपये का था।
स्टॉक मार्केट के माहिर इनवेस्टर कहे जाने वाले राकेश झुनझुनवाला के पास केनरा बैंक में 1.60 प्रतिशत हिस्सेदारी है। जून तिमाही में झुनझुनवाला का इस स्टॉक में इनवेस्टमेंट नहीं था।
ब्रोकरेज फर्म Emkay ने केनरा बैंक के स्टॉक पर बाय रेटिंग बरकरार रखी है। इसका कहना है कि बैंक का प्रॉफिट अनुमान से अधिक रहा है। इसके पीछे ट्रेजरी इनकम बढ़ना, प्रोविजनिंग कम होना और DHFL से रिकवरी बड़े कारण हैं।
एक अन्य ब्रोकरेज मोतीलाल ओसवाल ने भी केनरा बैंक के स्टॉक को खरीदने की सलाह दी है। इसने स्टॉक के लिए 270 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है।
इसका कहना है कि केनरा बैंक के नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स में कमी आने की संभावना है। इसके अलावा क्रेडिट कॉस्ट घटने का भी बैंक को फायदा मिलेगा।
BSE पर बुधवार को शुरुआती कारोबार में केनरा बैंक का शेयर लगभग 4 प्रतिशत की तेजी के साथ लगभग 200 रुपये पर कारोबार कर रहा था।