बैंकरप्ट हो चुकी वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज के एसेट्स को जब्त कर कॉरपोरेट अफेयर्स मिनिस्ट्री (MCA) ने कर्ज की अधिकतम रिकवरी करने की योजना बनाई है। MCA ने 5,000 करोड़ रुपये से अधिक के एसेट्स की पहचान की है। इस डिवेलपमेंट की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि और एसेट्स का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
एक सूत्र ने मनीकंट्रोल को बताया, "वीडियोकॉन मामले के रिजॉल्यूशन की सरकार निगरानी कर रही है। इसमें बैंकों को उनकी बकाया राशि का केवल 4.15 प्रतिशत मिल रहा है। यह देश में बैंकरप्सी के बड़े मामलों में से एक है।"
सरकार अधिकतम रिकवरी के लिए सभी जरियों को तलाश रही है। MCA अपनी पावर का इस्तेमाल कर कंपनी के एसेट्स को जब्त करने और उनकी बिक्री से रिकवरी करने की योजना बना रही है।
MCA ने कंपनीज एक्ट के सेक्शन 241 और 242 के तहत नेशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल (NCLT) की मुंबई बेंच को वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज के एसेट्स जब्त करने का आवेदन दिया है। इस मामले की सुनवाई इसी सप्ताह हो सकती है।
वीडियोकॉन को कर्ज देने वाले बैंकों ने रिजॉल्यूशन में बहुत कम रिकवरी को लेकर शिकायत की थी।
पिछले वर्ष दिसंबर में अनिल अग्रवाल की ट्विन स्टार के वीडियोकॉन ग्रुप की 13 फर्मों के लिए 2,900 करोड़ रुपये के प्लान को क्रेडिटर्स की कमेटी (CoC) ने अप्रूवल दिया था। हालांकि, कंपनी के फाउंडर और चेयरमैन वेणुगोपाल धूत ने इसे नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्राइब्यूनल (NCLAT) में चुनौती दी थी।
इस बारे में मनीकंट्रोल ने वेणुगोपाल धूत से प्रतिक्रिया लेकिन की कोशिश की लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।