सैन फ्रांसिस्को मुख्यालय वाली सॉफ्टवेयर स्टार्टअप डेटाब्रिक्स (Databriks) की वैल्यूएशन कुछ दिनों पहले निवेशकों ने एक फंडिंग राउंड के दौरान 28 अरब डॉलर लगाई। इसके बाद से ही यह फर्म सुर्खियों में बनी हुई है। 2013 में शुरू हुई इस कंपनी ने हाल ही में मुनाफा कमाना शुरू किया, जब इसके कोफाउंडरों में से एक अली घोड़सी (Ali Ghodsi) को इसका CEO चुना गया।
कंपनी के फाउंडिंग सीईओ आयन स्टोइका के इस्तीफा देने के बाद 42 वर्षीय घोड़सी को इस पद के लिए चुना गया। इससे पहले वह इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के वाइस-प्रेसिडेंट के तौर पर काम करते थे और उनका खुद के बनाए क्रांतिकारी कोड को बेचने का कोई इरादा नहीं था और वह इसे मुफ्त में देना चाहते थे।
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घोड़सी ने फोर्ब्स मैगजीन से बातचीत में कहा, "हम कैलिफोर्निया के बर्कली शहर से आने वाले एक ऐसे समूह थे, जो दुनिया को बदलना चाहते थे।" उन्होंने कहा, "हम उनसे कहेंगे, "बस मुफ्त में सॉफ्टवेयर ले लो" और वे कहेंगे "नहीं, हमें आपको 1 मिलियन डॉलर देना है।"
डेटाब्रिक्स की शुरुआत एकेडमिक जगत से आने वाले 7 लोगों ने की थी। ये सभी कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में रिसर्चर थे। घोड़सी ने बताया कि उन लोगों ने दुनिया में बदलाव लाने के इरादे से कोड बनाना शुरू किया और इसे फ्री में लोगों को देना चाहते थे। लेकिन किसी ने भी बिना पैसे दिए उनके कोड को लेने से इनकार कर दिया। इसी के बाद इन लोगों ने डेटाब्रिक्स की स्थापना की।
डेटाब्रिक्स को शुरुआत में करीब 14 मिलियन डॉलर का निवेश मिला। हालांकि कंपनी की रेवेन्यू उम्मीद से कम रहने के चलते इसे और निवेश जुटाने में दिक्कत हो रही थी। ऐसे में स्थापना के दो साल बाद कंपनी के फाउंडिंग सीईओ आयन स्टोइका ने इस्तीफा देकर वापस एकेडमिक की दुनिया में लौटने का फैसला किया, जिसके बाद कंपनी के फाउंडरों में से एक अली घोड़सी को सीईओ बनाया गया। घोड़सी के आते ही कंपनी शानदार ग्रोथ दर्ज करने लगी।
इसने फरवरी में 1 बिलियन डॉलर जुटाकर यूनिकॉर्न कंपनी होने की उपलब्धि हासिल की थी, लेकिन अब यह 28 बिलियन डॉलर के साथ सबसे अधिक वैल्यू वाली सॉफ्टवेयर कंपनियों में से एक बन गई है।
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फोर्ब्स की रिपोर्ट के मुताबिक, डेटाब्रिक्स अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल डेटा लेक्स के साथ महंगे डेटा वेयरहाउस को "फ्यूज" करने के लिए करता है, जो डेटा "लेकहाउसेज" बनाता है।
एक निवेशक ने बताया कि डेटाब्रिक्स का लक्ष्य 2022 में 1 अरब डॉलर का रेवेन्यू हासिल करना है। वहीं घोड़सी के अनुसार, आने वाले समय में 100 अरब डॉलर का रेवेन्यू हासिल करना भी लक्ष्य से बाहर नहीं होगा। घोड़सी का कहना है कि कंपनी जल्द ही अपना आईपीओ लाने के लिए भी तैयार है।